
कटनी. नगर निगम में विकास के मुद्दों पर चर्चा करने बुलाई जाने वाली परिषद की बैठक दो माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी न बुलाने को लेकर बवाल मचा हुआ है। निगमाध्यक्ष ने आयुक्त से पत्राचार करने पर भी बैठक न बुलाने के बाद प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर जानकारी दी है। वहीं एक कांग्रेसी पार्षद ने भी आयुक्त को आवेदन लेकर परिषद को भंग करने की मांग की है।
नियमानुसार परिषद की बैठक दो माह में एक बार बुलाई जानी चाहिए। पूर्व में निगम ने बैठक २९ अक्टूबर को बुलाई थी और उसके बाद से अभी तक किसी भी एजेंडे को लेकर सम्मिलन नहीं बुलाया गया है। नगर निगम अध्यक्ष संतोष शुक्ला ने प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि आयुक्त को एजेंडा तैयार कराकर महापौर के पास अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करना था लेकिन आज तक एजेंडा तैयार नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि निगम को एजेंडा नहीं मिल रहा है जबकि सूचना का अधिकार और सीएम हेल्प लाइन में नागरिकों की शिकायत बढ़ती जा रही हैं। ऐसी स्थिति में जनता के हित में सम्मिलन बुलाना आवश्यक है।
कांग्रेस पार्षद ने कहा भंग करें परिषद
दो माह से अधिक का समय बीतने पर सम्मिलन न बुलाने पर कांग्रेस पार्षद राजेश जाटव ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने आयुक्त को पत्र सौंपा है और कहा है कि सम्मिलन न बुलाने से शहर के विकास कार्य रुके हैं। साथ ही नियम का पालन न करने पर परिषद को भंग करने की भी मांग की गई है। पार्षद का आरोप है कि जनता की समस्याओं और लगातार की जा रही अनियमितताओं के कारण निगम अधिकारी परिषद की बैठक बुलाने से बच रहे हैं।
इनका कहना है...
एजेंडा सामने आते ही नियमानुसार बैठक बुलाई जाएगी। इसको लेकर काम किया जा रहा है। निगमाध्यक्ष का पूर्व में पत्र मिला था।
संजय जैन, आयुक्त नगर निगम