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पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों पर जोर, कटनी के किसानों की तारीफ में क्या बोले सीएम मोहन यादव?

Balaram Krishi Mahotsav : कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत कटनी में आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, कोदो-कुटकी उत्पादन और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध।
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कटनी

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 28 Oct 2026, 6:13 PM IST

Balaram Krishi Mahotsav

बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअली जुड़े सीएम मोहन यादव (फोटो सोर्स: @DrMohanYadav51)

Katni News :मध्य प्रदेश में 'कृषक कल्याण वर्ष-2026' के अंतर्गत आयोजित कटनी में बुधवार को 'बलराम कृषि महोत्सव' का आयोजन किया गया। आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर से वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम के माध्यम से किसान भाइयों से संवाद किया और खेती में नए प्रयोगों को अपनाकर आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि, राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। सरकार का संकल्प किसानों को उपज का उचित मूल्य, बेहतर सिंचाई सुविधाएं और समृद्धि के नए अवसर मुहैय्या कराना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी जिले में खेती के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए किसानों की तारीफ में कहा कि, यहां के किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई फसलों को भी अपना रहे हैं। जिले में प्राकृतिक खेती, कोदो - कुटकी उत्पादन और जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। खेती के इन विकल्पों से किसानों को नई संभावनाएं मिल सकती हैं और वो अपनी आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में नवाचार भी कर सकते हैं।

सिंचाई से लेकर कृषि आधारित उद्योगों के विकास पर जोर

बलराम कृषि महोत्सव के जरिए प्रदेश सरकार ने किसान कल्याण और कृषि विकास से जुड़ी कई प्राथमिकताओं को रेखांकित किया है। इनमें साल 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर इलाके में सिंचाई का टारगेट, कृषि उत्पादन के नए आयाम, किसानों को उचित मूल्य और आर्थिक संबल जैसे मुद्दे शामिल हैं।

सरकार का दावा

सरकार की ओर से किए दावे के अनुसार, किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 12 हजार रुपए की सहायता देने, 10 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों के लिए ऊर्जा सहायता के साथ साथ किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण उपलब्ध कराने जैसे प्रावधानों को भी प्रमुखता दी गई है।

डेयरी क्षेत्र में भी विस्तार पर जोर

वहीं, डेयरी क्षेत्र के विस्तार, पशुपालकों को सहकारी समितियों से जोड़ने, कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन और कृषि निर्यात बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि, खेती को अधिक लाभकारी बनाते हुए किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण और बाजार तक बेहतर अवसर मिल सकें।

कटनी के किसानों के लिए खास है महोत्सव

मुख्यमंत्री यादव ने किसानों के हित में उचित मूल्य, सिंचाई सुविधाओं और समृद्धि के मौकों को सरकार की प्राथमिकता बताया। कटनी में आयोजित महोत्सव किसानों को खेती की नई संभावनाओं, वैकल्पिक फसलों और आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खास माना जा रहा है।