11 एकड़ में 80 हजार के जनसहयोग से पार्क बनाने शुरू किया था काम, अब 63 एकड़ में लहलहा रहे पौधे
कटनी। ऑक्सीजन की कमी से बीमारी का दंश झेल रहे शहर के एक चिकित्सक के मन में ऐसा जुनून छाया कि उन्होंने दस साल में शहर की बंजर पहाड़ी को ऑक्सीजन टैंक बना दिया। 80 हजार रुपये के जनसहयोग से पार्क का निर्माण शुरू किया था और आज जागृति पार्क के 63 एकड़ में पौधे लहलहा रहे हैं। उनके इस जुनून में अब शहरवासी भी शामिल हो गए हैं। नई बस्ती निवासी डॉ. संजय निगम शरीर में ऑक्सीजन की कमी की बीमारी से पीडि़त हैं। वर्ष 2009 में जागृति संस्था के अध्यक्ष डॉ. निगम ने अपने साथियों के साथ शहर में पार्क विकसित करने की रूपरेखा तैयार की और उसके लिए माधवनगर थाना से लगी बंजर पहाड़ी को चुना गया। तत्कालीन कलेक्टर एम. सेल्वेन्द्रन ने संस्था के कदम में सहयोग कर 11 एकड़ में पेड़ लगाने की अनुमति दी। इसके बाद जनसहयोग से 80 हजार रुपये जुटाए गए।
15 अगस्त से हुई शुरुआत
15 अगस्त 2009 से पार्क में पौधे रोपने की शुरुआत हुई। पहले पार्क की देखरेख जागृति संस्था करती थी और बाद में कलेक्टर की अध्यक्षता में पर्यावरण विकास संधारण समिति का गठन किया गया, जिसमें डॉ. निगम सचिव हैं। आठ साल की मेहनत में छह हजार पेड़ पार्क में तैयार होने के साथ ही बैठने, मनोरंजन सहित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
2018 से बढ़ा दायरा
डॉ. निगम व उनकी टीम की मेहनत के रंग लाते ही प्रशासन ने वर्ष 2018 में पार्क को सात एकड़ भूमि और प्रदान की। पिछली बारिश में तीन हजार पौधे रोपे गए, जो अब तैयार हो गए हैं। इसके बाद पार्क से लगी 45 एकड़ की भूमि को प्रशासन ने पार्क को सौंप दिया। इसमें इस वर्ष अभी तक 8 हजार से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं और अभियान जारी है। इसके अलावा पहाड़ी को सुंदर बनाने के लिए जनसहयोग से ही अन्य कार्य भी कराए जा रहे हैं। पिछले दो वर्ष से यहां पत्रिका हरित मप्र अभियान के तहत पौधों का रोपण समिति के सहयोग से किया जा रहा है।
खास बातें-
- परिसर में ही प्रशासन ने बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने कराया साइंस पार्क का निर्माण
- लोग बच्चों से लेकर बड़ों तक के जन्मदिन, शादी की सालगिरह में रोपने पहुंचते हैं पौधे
- आने वाले समय में प्रदेश में बनेगी पार्क की पहचान
- 45 एकड़ में पैदल ट्रैक के साथ बनाए जा रहे मनोरंजन के साधन