खतरे में जंगल के पहरेदार, सुरक्षा की गुहार

मप्र वन कर्मचारी संघ ने कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन
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Updated: 1 Apr 2016, 7:44 AM IST
forest guard
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कटनी। वन विभाग में कार्य करने वाले कर्मचारी खतरे में हैं। आए दिन ग्रामीण या दबंग उन पर हमला कर देते हैं। ऐसे में जब वन कर्मचारी ही खतरे में हैं तो वे जंगल की सुरक्षा कैसे करेंगे। यह कहना है वन विभाग में कार्य करने वाले कर्मचारियों का। वन कर्मचारियों ने सुरक्षा के मुद्दे को लेकर कलेक्टर प्रकाश जांगरे और पुलिस अधीक्षक गौरव राजपूत को वन विभाग के कार्यालय से लेकर कलेक्ट्रेट तक रैली निकालक ज्ञापन सौंपा। निवार में वन कर्मियों पर हमला करने वालों को जल्द गिरफ्तार करने मांग की।

ये है मामला
कलेक्टर व एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में मप्र वन कर्मचारी संघ जिला शाखा के पदाधिकारियों ने बताया कि 18 मार्च को वन कर्मियों पर रोशन तिवारी तीन लोगों के साथ पहुंचा अभद्रता करते हुए मारपीट करने लगा। तीनों ने मिलकर राजेश दुबे की वर्दी भी फाड़ दी थी और उसे गंभीर चोट भी आई है। चालक विकास तिवारी के साथ में भी मारपीट की।

नहीं हुई कार्रवाई
वन कर्मियों ने बताया कि घटना के बाद निवार चौकी में एफआईआर दर्ज कराई गई। माधवनगर थाने को सूचना भी दी। लगभग एक सप्ताह का समय बीत गया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार को वन कर्मचारियों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। वन में सुरक्षा कर रहे रेंजर, गार्ड और बीट सहित प्रभारियों के लिए पुख्ता सुरक्षा की मांग की गई। पुलिस की निष्क्रयता से नाराज वन कर्मियों ने संघ के अध्यक्ष मो. खालिक व सचिव रामविशाल पाठक के नेतृत्व में रैली निकालकर विरोध जताया। कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की।
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