13 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ahmedabad: कनाडा में 11 साल पहले हुई ठगी के पैसे दिलाने के नाम पर 2.27 करोड़ की चपत, दंपत्ति गिरफ्तार

-ईओडब्ल्यू की टीम ने पकड़ा, पांच कार जब्त, अहमदाबाबाद, सूरत में चार लॉकर फ्रीज, सात करोड़ से ज्यादा के लॉकर में रखे हुए हैं आभूषण

2 min read
Google source verification
EOW Ahmedabad city

ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आरोपी विभाणी दंपत्ति।

Ahmedabad. कनाडा में 11 साल पहले 2014 में हुई ठगी के पैसे अहमदाबाद में बैठे हुए दिलाने का झांसा देकर महेसाणा के हिरेन चौधरी को 2.27 करोड़ रुपए की चपत लगाने के मामले की गुत्थी को शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने सुलझा लिया। इस मामले में लिप्त मुख्य आरोपी अनिल विभाणी और उसकी पत्नी विम्मी विभाणी को गिरफ्तार कर लिया गया। ये दोनों अहमदाबाद शहर के थलतेज इलाके में रहते हैं।

ईओडब्ल्यू के अनुसार हिरेन ने मई 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई जिसमें जिसमें कहा गया कि अनिल ने खुद को लायजनिंग कम एजेंट बताते हुए कहा कि उसकी सभी विभागों में अच्छी पहचान है। हिरेन के साथ वर्ष 2014 में कनाडा में ठगी हो गई थी और उसके पैसे इतने सालों बाद अहमदाबाद में बैठे हुए दिलाने की बात कही जिस पर उसे विश्वास हो गया। हालांकि अनिल ने उससे एडवांस में रुपए देने की मांग की। इस पर 23 अगस्त 2025 से मई 2026 तक हिरेन ने अनिल को 1.62 लाख रुपए नकद, बैंक के जरिए 63.58 लाख, क्रेडिट कार्ड के जरिए 1.65 लाख रुपए सहित कुल दो करोड़ 27 लाख 25 हजार रुपए एडवांस कमीशन के लिए रूप में दे दिए। आरोप है कि एडवांस कमीशन लेने के बावजूद अनिल ने उनकी राशि वापस नहीं दिलाई और न ही उनसे लिए कमीशन के पैसे और सात कोरे चेक उन्हें लौटाए। ऐसा कर ठगी की गई। मामले की जांच करते हुए टीम ने दंपति को थलतेज से गिरफ्तार कर लिया। अनिल के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और पांच महंगी कारें जब्त की गई।

चार बैंकों में लॉकर, सभी किए फ्रीज

ईओडब्ल्यू टीम की ओर से की गई जांच में पता चला कि आरोपी का थलतेज स्थित यस बैंक में लॉकर है। जांच में सामने आया कि उसमें सोने के 4.453 ग्राम और चांदी के 857 ग्राम के आभूषण, महंगी घड़ी सहित कुल 6.31 करोड़ रुपए के आभूषण रखे हैं। साथ ही एक दस्तावेज और 11 एलआइसी की पॉलिसी है। सूरत में द महेसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में भी लॉकर है जिसमें सोने के 260.21 ग्राम, चांदी के 34 ग्राम समेत 29.94 लाख के आभूषण हैं। आरोपी का द ध्रांगध्रा पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक में दो लॉकर होने का पता चला जिसकी जांच में सामने आया कि उनमें सोने के 833.26 ग्राम, चांदी के 551 ग्राम के आभूषण, कीमती घड़ी, सहित कुल एक करोड़ दो लाख 69 हजार के आभूषण व कीमती सामान है। एक दस्तावेज और 22 एलआइसी पॉलिसी है। इन सभी लॉकरों को फ्रीज कर दिया गया।

अनिल का है आपराधिक इतिहास, 6 मामलों में जांच जारी

प्राथमिक जांच में सामने आया कि अनिल का आपराधिक इतिहास है। आरोपी के विरुद्ध 2010 से लेकर अब तक राज्य में 10 मामले दर्ज हुए हैं। छह मामलों में जांच जारी है। इसमें भरुच में रहने वाले जुबेर लुलात को भी 1.65 करोड़ की चपत लगाने का आरोप है। सीआइडी क्राइम में दर्ज मामले में 29 लाख की ठगी और अहमदाबाद के सरखेज थाने में 4.75 करोड़ की ठगी की जांच जारी है। क्राइम ब्रांच में ही 50 लाख की ठगी, सोला में महेसाणा अर्बन बैंक मैनेजर के साथ जमीन में निवेश के नाम पर 75 लाख की ठगी की भी जांच जारी है। देवांग शाह नामक व्यक्ति ने भी इसके विरुद्ध दो करोड़ की ठगी की शिकायत याचिका दी है, जिसकी जांच की जा रही है।