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राजकोट और धार्मिक नगरी हरिद्वार के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग

राजकोट. पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने राजकोट में सौराष्ट्र क्षेत्र के सांसदों के साथ बैठक की। इस बैठक में राजकोट और धार्मिक नगरी हरिद्वार के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग प्रमुख मुद्दे के रूप में उभरी।

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Demand for a Direct Train Between Rajkot and the Holy City of Haridwar

बैठक में शामिल सांसद।

अमरेली-अहमदाबाद को दें सौगात, साबरमती-वेरावल वंदे भारत एक्सप्रेस का मार्ग बदलने की संभावना

राजकोट. पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने राजकोट में सौराष्ट्र क्षेत्र के सांसदों के साथ बैठक की। इस बैठक में राजकोट और धार्मिक नगरी हरिद्वार के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग प्रमुख मुद्दे के रूप में उभरी।
राजकोट लोकसभा सीट से सांसद परषोत्तम रूपाला ने कहा कि राजकोट और सौराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों से हर वर्ष लाखों यात्री विशेष रूप से धार्मिक स्थल हरिद्वार सहित उत्तर भारत की यात्रा करते हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों द्वारा लंबे समय से राजकोट और हरिद्वार के बीच स्थायी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है। इस प्रस्ताव पर बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। सांसदों ने जनहित में राजकोट-हरिद्वार ट्रेन को जल्द से जल्द शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। रूपाला ने रेलवे संचालन की जटिलताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रेलवे परियोजनाओं में ट्रैक क्षमता, समय-सारिणी प्रबंधन, स्लॉट उपलब्धता और सुरक्षा आदि आवश्यकताओं के कारण प्रक्रिया जटिल होती है। हालांकि, जनप्रतिनिधि रेलवे बोर्ड और केंद्रीय रेल मंत्रालय के समक्ष इन मांगों को लगातार उठाते रहेंगे।
वहीं, अमरेली लोकसभा सीट से सांसद भरत सूतरिया ने अमरेली को नई वंदे भारत ट्रेन की सौगात देने पर जोर दिया। इसे जूनागढ़, जेतलसर, वडिया, चितल, खीजड़िया, लाठी और ढसा होते हुए अहमदाबाद तक चलाने की प्राथमिकता के साथ मांग रखी। संभावना जताई जा रही है कि साबरमती-वेरावल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को वाया राजकोट के बजाए मार्ग परिवर्तित कर वाया धोला, ढसा, जूनागढ़ होकर चलाया जाएगा। सूतरिया ने अमरेली, धारी, विसावदर, जूनागढ़ तथा विसावदर-सोमनाथ रेलवे लाइन को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने की भी मांग की। इसके अलावा नए अंडरब्रिजों के निर्माण, किसानों की समस्याओं तथा सावरकुंडला, लीलिया और राजुला क्षेत्र से जुड़े विभिन्न रेलवे मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुति दी।
सांसदों द्वारा उनके क्षेत्र की रेल समस्याओं, परियोजनाओं, ट्रेनों के स्टापेज, नई ट्रेन चलाने तथा ट्रेनों के विस्तार, ट्रेनों के फेरे बढाने और ढांचागत परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई एवं बहुमूल्य सुझाव दिए गए।
राजकोट एवं भावनगर मंडल क्षेत्राधिकार के कुल 6 सांसदों ने बैठक में भाग लिया। इनमें रूपाला, सूतरिया, पूनम माडम, राम मोकरिया, केसरीदेवसिंह झाला, राजेश चुडासमा भी उपिस्थत थे। उन्होंने दोनों मंडल में चल रही परियोजनाओं की सकारात्मक प्रगति के प्रति अपनी संतुष्टि व्यक्त की।
बैठक के दौरान महाप्रबंधक पाण्डेय ने राजकोट व भावनगर मंडल में नवीनतम यात्री सुविधाओं व उपलब्धियों की जानकारी दी। साथ ही सांसदों को वर्तमान में चल रही विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के बारे में अवगत कराया और कहा कि पश्चिम रेलवे अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत विभिन्न यात्री सुविधाओं को प्रदान करने में हमेशा अग्रणी रही है। बैठक में राजकोट के मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना, भावनगर के मंडल रेल प्रबंधक दिनेश वर्मा तथा पश्चिम रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।