girl rescued the snake
कटनी. आज के समय में जब पशुपालकों द्वारा अपने पशुओं की देखभाल में भी कोताही बरती जा रही है, कटनी में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पशु प्रेम और साहस की मिसाल पेश की। यह घटना सोनी के बगीचे में घटित हुई, जहां बच्चों द्वारा क्रिकेट खेलते समय एक विशालकाय जहरीले सर्प को पत्थरों और ईंटों से बुरी तरह घायल कर दिया। सर्प, जो कोबरा जैसी प्रजाति का था और बेहद विषैला माना जाता है, बच्चों के शरारती व्यवहार के चलते क्रोधित होकर कई घंटों तक फन फैलाए बैठा रहा। उसके क्रोध और फुसकारने की आवाज से स्थानीय लोग भयभीत हो गए। दहशत के बीच स्थानीय निवासियों ने तत्काल सर्प मित्र अमिता श्रीवास को सूचना दी।
सूचना मिलते ही अमिता श्रीवास घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने साहस और धैर्य का परिचय देते हुए क्रोधित और घायल सर्प को काबू में किया। जब उन्होंने पास से देखा तो सर्प लहूलुहान था। अमिता ने बिना देरी किए अपने सहयोगियों सुरेंद्र कुशवाहा, एएस भदौरिया, जितेंद्र बर्मन के साथ मिलकर सर्प को पशु चिकित्सालय पहुंचाया। चिकित्सालय में डॉ. गायत्री राज, डॉ. अतुल ने सर्प का प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार, यह कोबरा सर्प अत्यंत विषैला होता है, लेकिन अपनी अवस्था में उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया था। स्थानीय निवासियों ने भी बताया कि यह सर्प पिछले 15-20 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहा था और कभी किसी को हानि नहीं पहुंचाई। उपचार के बाद सर्प को कटनी के बड़े गांव के जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया।
वन्य जीव की रक्षा का दिया संदेश
अमिता श्रीवास की बहादुरी और पशु प्रेम की चर्चा सुर्खियों में है। स्थानीय लोग उनकी करते हुए कहा कि आज के दौर में ऐसा साहस और संवेदनशीलता कम ही देखने को मिलता है। इस घटना ने साबित कर दिया कि मानवता सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है। इस घटना ने पशु प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह दिखाता है कि यदि इंसान चाहें, तो अपने सह-अस्तित्व को बनाए रखते हुए जीव-जंतुओं को सुरक्षित रखा जा सकता है। अमिता श्रीवास और उनकी टीम की यह पहल वास्तव में प्रेरणादायक है।