कटनी

Contract health workers strike से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई

-Contract health workers strike से वैक्सीनिशेन तक पर पड़ रहा प्रभाव-टीकाकरण विलंब से शुरू होने से कोरोना गाइड लाइन का हो रहा उल्लंघन
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Updated: 28 May 2021, 1:43 PM IST
Contract health workers strike
Contract health workers strike

कटनी. Contract health workers strike से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। यहां तक कि वैक्सिनेशन कार्य भी प्रभावित होने लगा है। कई जगह इस हड़ताल के चलते दोपहर तक टीकाकरण न शुरू होने से हंगामे की स्थिति बन रही है।

बता दें कि जिला ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए कोरोना निरोधी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के हड़ताल के चलते यह महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहा है। लोग सरकार की ओर टकटकी लगाए हैं कि कब ये द्विपक्षीय वार्ता हो और संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल समाप्त हो ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर आ सके।

बता दें कि समूचे प्रदेश के साथ-साथ रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के 24 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 24 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। रीठी अस्पताल के एकसाथ 24 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर जाने से वैक्सीनेशन कार्य से लेकर अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे।

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के एकसाथ हड़ताल में चले जाने से गुरूवार को रीठी के वैक्सीनेशन सेंटर में 18 वर्ष से 44 वर्ष तक की आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। पता चला कि कटनी जिला मुख्यालय से जब प्रभारी बीएमओ बबीता सिंह रीठी पहुंचीं तब जाकर दोपहर में टीकाकरण कार्य शुरू हो सका। टीकाकरण विलंब से शुरू होने से सेंटर में इस कोरोना काल में लोगों की भीड़ जमा रही। सोशल डिस्टेंसिंग गाइडलाइन मजाक बन कर रह गया। संविदा कर्मचारियों ने प्रभारी बीएमओ बबीता सिंह को पत्रक सौंपकर बताया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार पिछले वर्ष से कोरोना महामारी में आधे वेतन पर अपनी जान हथेली पर रखकर विपरीत परिस्थितियों में भी 24 घंटे लगातार आर आर टी एवं एम एम यू आई कोविड केयर सेंटर में आइसीयू एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन सरकार के स्तर से उनकी मेहनत पर पानी फेरा जा रहा है। संविदा कर्मियों ने 5 जून 2018 की नीति के अनुसार नियमित कर्मचारी के वेतनमान का न्यूनतम 90 प्रतिशत वेतनमान की फाइल वित्त विभाग से स्वीकृत कराकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से तत्काल आदेश प्रदान करने की भी मांग की है।

सरकार स्तर पर कोई सुनवाई न होने से क्षुब्ध संविदाकर्मियों ने गुरुवार को रीठी अस्पताल परिसर में झाड़ू लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस सफाई अभियान में संविदा स्वास्थ्य कर्मि शशिकांत साहू, निकेश कंदेले, जागेश्वर राज, रमजान खान, रिंकू कश्यप, राघवेन्द्र त्रिपाठी, रीना मेरीदास, ऋतु पाल, लक्ष्मी मिश्रा, अंजना सिंह, अभिलाषा अवस्थी, नितेश अग्रवाल सहित सभी 24 संविदा कर्मी उपस्थित थे।

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