मंगलवार रात से रुक-रुक तेज और हल्की बारिश का सिलसिला जारी है। आगे भी भारी बारिश की संभावना जताई है।
कटनी/ मध्य प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में 'ताउते' तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। इसी के चलते सूबे के कटनी जिले में भी इसका असर देखा जा रहा है। यहां मंगलवार रात से रुक-रुक तेज और हल्की बारिश का सिलसिला जारी है। आगे भी भारी बारिश की संभावना जताई है। कृषि मौसम विभाग की ओर से जिले के किसानों के लिये भी विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।
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क्या कहता है मौसम विभाग?
कृषि विज्ञान केंद्र पिपरौंध के कृषि मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि, समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (द्रोणिका) बनी हुई है। दोणिका के कारण हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिम रहेगी। ताउते तूफान की नमी को खीचेंगी, इसलिए कटनी जिले में ताउते तूफान का असर बुधवार को भी देखने को मिल सकता है। तेज गरज-चमक के साथ जिले में तेज आंधी-तूफान के साथ मध्यम व भारी बारिश की संभावना है। 15 से 20 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलेगी।
किसानों के लिये जारी हुई विशेष एडवाइजरी
कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किसानों के लिए कहा गया है कि, सिंचाई पूरी तरह से बंद रखें। फसलों में किसी भी प्रकार की दवा का स्प्रे न करें। बता दें कि, जिले का मौसम लगभग एक पखवाड़े से बिगड़ा हुआ है, कभी तेज धूप तो कभी एकाएक बादल छा जाते हैं और देखते ही देखते झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाता है। बारिश के चलते गर्मी से निजात तो मिल रही है, लेकिन ग्रीष्मकालीन फासलों को इसका खासा नुकसान झेलनना पड़ रहा है।
जल्दी मानसून सक्रिय होने की संभावना
कृषि मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार चंद्रवंशी के अनुसार, इस साल जिले में समय पर मानसून सक्रिय होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि, बंगाल की खाड़ी में मानसून की एक्टिविटी शुरू हो गई है। 23 मई से कम दबाव का क्षेत्र बनना शुरू हो जाएगा। इसके बाद मौसम आगे बढ़कर कटनी तक पहुंचेगा। जिले वासियों को इस बार बेहतर मानसून मिलने की अधिक उम्मीद है।
गेंहू खरीदी केंद्रों में उपज संभालना आवश्यक
बता दें कि, जिले में व्यापक पैमाने पर समर्थन मूल्य में किसानों से गेहूं की खरीदी हो रही है। लगातार हो रही बारिश से दर्जनों केंद्रों में हजारों क्विंटल गेहूं भीग चुका है। भारी बारिश की चेतावनी के चलते और भी ज्यादा नुकसान की संभावना है, इसलिए केंद्रों में रखे किसानों और सरकारी उपज को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।