
stepbrother murder case katni life imprisonment father favouritism, एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर
Katni Stepbrother Murder Case: मध्यप्रदेश के कटनी जिले में पिता का सौतेले भाई को ज्यादा प्यार करना एक युवक को इस कदर नागवार गुजरा कि मन में भरी खुन्नस ने उसे हत्यारा बना दिया। गुस्से में उसने अपने ही 12 वर्षीय सौतेले भाई को पहले थप्पड़ और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा, फिर गमछे से गला दबाकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद अपराध छिपाने के लिए मासूम की लाश मैहर जिले की बंजरिया पहाड़ी की झाड़ियों में फेंक दी। करीब दो साल पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड में अब न्यायालय ने आरोपी मनीष यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र गर्ग ने बताया कि वारदात 29 जुलाई 2024 की है। कुटेश्वर निवासी संतोष यादव ने बरही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 12 वर्षीय बेटा सुमित यादव अचानक लापता हो गया है। उसी समय बड़ा बेटा मनीष यादव भी बिना बताए घर से चला गया था। परिवार ने गांव, आसपास के क्षेत्रों और रिश्तेदारों के यहां सुमित की तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। मनीष को रात में कई बार फोन लगाया गया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। अगली सुबह बात होने पर उसने खुद को अहमदाबाद में होना बताया और दावा किया कि सुमित उसके पास नहीं है।
पिता को मनीष की भूमिका पर संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने संदेह के आधार पर 31 जुलाई 2024 को 20 वर्षीय मनीष यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि संतोष यादव की दो पत्नियां थीं। मनीष पहली पत्नी का बेटा था, जबकि 12 वर्षीय सुमित उर्फ मोनू दूसरी पत्नी का बेटा था। आरोपी के अनुसार पिता दूसरी पत्नी और उसके बच्चों पर ज्यादा ध्यान देते थे और सुमित को अधिक प्यार करते थे। इसी बात को लेकर मनीष के मन में लंबे समय से खुन्नस भरी हुई थी।
घटना वाले दिन दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच मनीष पुराने घर में मोटर बंद करने पहुंचा था। वहां सुमित से उसका विवाद हो गया। गुस्से में मनीष ने पहले सुमित को थप्पड़ मारे और फिर खींचकर पुराने घर की परछी में ले गया। वहां उसे लात-घूंसों से पीटा। मारपीट के दौरान मनीष के हाथ में पहना लोहे का कड़ा सुमित की नाक में लगा, जिससे खून निकलने लगा और वह चिल्लाने लगा। इसके बाद मनीष ने अपने गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने मासूम की लाश को मैहर जिले के पगर रोड स्थित बंजरिया पहाड़ी की झाड़ियों में फेंक दिया था। इसके बाद वह वहां से निकल गया और अहमदाबाद भाग गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पहाड़ी की झाड़ियों से सुमित का शव बरामद किया। इसके बाद हत्या की पूरी कड़ी सामने आई। मामले की संपूर्ण विवेचना निरीक्षक शैलेंद्र सिंह यादव ने की। आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाए जाने पर धारा 137(2), 103(1) और 238 बीएनएस के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने महत्वपूर्ण गवाहों के साथ दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्य न्यायालय के सामने रखे। इन्हीं साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों के आधार पर न्यायालय ने मनीष यादव को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
Updated on:
10 Jul 2026 03:38 pm
Published on:
10 Jul 2026 03:38 pm
