कटनी

आइजी प्रमोद वर्मा के नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कड़े तेवर, बच नहीं सकेगी निलंबित सीएसपी

IG Pramod Verma : कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जांच शुरू, एसआइटी करेगी जमीन सौदे से लेकर डिफॉल्ट बेल मिलने तक की पड़ताल
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Aug 24, 2026
नेहा पच्चीसिया के खिलाफ आइजी प्रमोद वर्मा के कड़े तेवर - फोटो सोर्स : ANI
नेहा पच्चीसिया के खिलाफ आइजी प्रमोद वर्मा के कड़े तेवर - फोटो- IG Pramod Verma - सोर्स : ANI

Neha Pacchisia : कटनी पुलिस, हत्या के आरोपी पर दबाव डालकर धोखाधड़ी से जमीन हथियाने और पद के दुरुपयोग के आरोपों में घिरी है। पुलिस अधिकारी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ तो केस भी दर्ज हो चुका है जबकि कई अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले ने पुलिस की विश्वसनीयता को तार तार कर दिया है। विभाग की छवि खराब होने पर जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) प्रमोद वर्मा ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। एएसपी अंजना तिवारी तेजी से जांच कर रहीं हैं जबकि एसआइटी को भी जमीन सौदे से लेकर डिफॉल्ट बेल मिलने तक की पड़ताल सौंपी गई है। ऐसे में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

कटनी में हत्या के आरोपी को राहत दिलाने के बदले जमीन के कथित सौदेबाजी और 'डिफॉल्ट बेल' मामले की एसआइटी ने जांच शुरू कर दी है। एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में जबलपुर में हुई पहली बैठक में केस डायरी, बैंक ट्रांजेक्शन, जमीन के नामांतरण, संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर साक्ष्य संकलन की रणनीति बनाई गई।

आइजी प्रमोद वर्मा ने बताया कि एफआइआर के आधार पर कार्रवाई जारी

जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) प्रमोद वर्मा ने बताया कि कोतवाली पुलिस स्टेशन में नेहा पच्चीसिया (CSP कटनी) और दो अन्य लोगों क्षितिजराज बारापात्रे, जमीन खरीदार मारूफ अहमद नामजद आरोपी हैं। यह मामला धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और पद के दुरुपयोग से जुड़ा है। आइजी प्रमोद वर्मा ने बताया कि एफआइआर के आधार पर कार्रवाई जारी है।

नेहा पच्चीसिया जांच के अहम बिंदु

हत्या मामले में चालान 90 दिन के भीतर पेश क्यों नहीं किया गया। तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा की भूमिका भी जांच के घेरे में।

जमीन की गाइडलाइन कीमत करीब 82.86 लाख थी, रजिस्ट्री 18.20 लाख में दर्शाई गई। बैंक ट्रेल के जरिए लेन-देन की पड़ताल होगी।

ये है पूरा मामला

CSP नेहा पच्चीसिया कटनी में एक मर्डर केस की जांच कर रही थीं। मामले के मुख्य आरोपी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए उन्होंने 15 लाख रुपए की मांग की। जब आरोपी ने कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं हैं तो उन्होंने उसकी पुश्तैनी ज़मीन की रजिस्ट्री अपने एक करीबी सहयोगी के नाम करवा ली। इतना ही नहीं, दोनों पक्षों के बीच हुई डील के 92 लाख रुपए भी वापस नहीं किए। इसके बाद, हत्या आरोपी के बेटे ने सीएसपी नेहा प​च्चीसिया की सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच के दौरान सामने आए प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर नेहा पच्चीसिया व अन्य आरोपियों पर FIR दर्ज की गई। CSP कटनी को निलंबित कर जबलपुर DIG ऑफिस में अटैच कर दिया गया है।

Updated on:
24 Aug 2026 08:04 am
Published on:
24 Aug 2026 08:04 am