
कटनी. नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से शहर में अवैध निर्मार्णों का क्रम बदस्तूर जारी है। ऐसा ही एक मामला बरही रोड में सामने आया है, जहां पर भवन अनुज्ञा में दो मंजिला निर्माण की अनुमति ली गई है और निर्माण चौथी मंजिल तक पहुंच गया है। यह सब नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही है। जानकारी के अनुसार कौशल्या देवी मटानी एवं अन्य द्वारा नगर पालिक निगम कटनी के लाइसेंसी इंजीनियर हर्षवर्धन अग्रवाल के माध्यम से गुरुनानक वार्ड क्रमांक 22 स्थित खसरा नं. 1350/29, 1350/30 स्वयं के उपयोग के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था। कार्यपालन यंत्री राकेश शर्मा के द्वारा गुरुनानक वार्ड के नोडल अधिकारी उपयंत्री सुरेंद्र मिश्रा, तत्कालीन नोडल अधिकारी अनिल कुमार जायसवाल की अनुशंसा पर 5 नवंबर 18 को अनुज्ञा जारी कर दी गई। इस मामले में प्रभारी कार्यपालन यंत्री राकेश शर्मा द्वारा क्रमश: भवन अनुज्ञा क्रमांक 0174/केएमसी/एचडीओ/डब्ल्यू22/2018 दिनांक 5 नवंबर 18 को स्वीकृत की गई। भवन निर्माण में भूखंड के आगे 4.50 मीटर, पीछे 12.22 मीटर खाली स्थान छोड़ा जाना था। साथ ही वाहन पार्किंग के लिए छोड़ा जाना था और दो मंजिला ही बिल्डिंग बनाना था, लेकिन नियम का पालन नहीं हो रहा। हैरानी की बात तो यह है कि भवन स्वामी एवं इंजीनियर द्वारा भवन के कुर्सी लेबल में निरीक्षण की कार्यालय को सूचना नहीं दी गई। वार्ड के प्रभारी उपयंत्री व नगर निगम के सक्षम प्राधिकारी द्वारा मप्र भवन भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों के अनुसार निर्माणाधीन भवनों का कुर्सी स्तर पर निरीक्षण नहीं किया गया।
झूठी जानकारी में बंद कर दी सीएम हेल्पलाइन
इस मामले में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी की गई। जिसका शिकायत नंबर 7737861 है। जिसमें बताया गया कि यह निर्माण नियम विरुद्ध तरीके से चल रहा है, इसे रोका जाए। इसमें सहायक यंत्री एसके त्रिपाठी, उपयंत्री सुरेंद्र मिश्रा द्वारा यह प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया कि निर्माणाधीन भवन की पूर्व में स्वीकृति ली गई है, शिकायत निराधार है। इतना ही नहीं भवन अनुज्ञा शाखा के प्रभारी एचके त्रिपाठी द्वारा अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इनका कहना है
इस संबंध में अभी जानकारी नहीं है। क्षेत्र के उपयंत्री से चर्चा कर बता पाएंगे कि क्या मामला है। दो मंजिला की स्वीकृति के बाद यदि ज्यादा में निर्माण किया जा रहा है तो उक्त मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एचके त्रिपाठी, प्रभारी भवन अनुज्ञा अधिकारी, नगर निगम।
इनका कहना है
अभी मैं बाहर हूं। नगर निगम ने जितना नक्शा पास किया है और अनुमति दी है उतने में निर्माण किया है। शिकायत निराधार है।
लखन मटानी, भवन निर्माता।