निर्माण कार्य कराए बगैर सरपंच-सचिव द्वारा राशि निकालने के मामले की जांच अब सहायक यंत्री ए के सिंगौर और खंड पंचायत अधिकारी एस के कैलसिया के द्वारा की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ जगदीशचंद्र गोमे के निर्देश पर जनपद सीईओ केके पांडेय ने मामले की जांच कराने आदेश जारी किया है।
कटनी. निर्माण कार्य कराए बगैर सरपंच-सचिव द्वारा राशि निकालने के मामले की जांच अब सहायक यंत्री ए के सिंगौर और खंड पंचायत अधिकारी एस के कैलसिया के द्वारा की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ जगदीशचंद्र गोमे के निर्देश पर जनपद सीईओ केके पांडेय ने मामले की जांच कराने आदेश जारी किया है। जनपद ने सीईओ के के पांडेय ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच- सचिव ने पंचायत के खाते से कितनी राशि निकाली है। पंचायत में कितना कार्य कराया है। मूल्यांकन कब और कितना हुआ है।राशि कब निकाली गई है। पूरे मामले की जांच कराने के लिए दो सदस्यीय टीम बनाई गई है। जांच टीम से दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में जो बिंदु सामने आएंगे,उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जिर्री सरपंच अंजना राजेश असाटी और प्रभारी सचिव शिवपाल सिंह ने आंगनवाड़ी निर्माण के नाम पर करीब 8 लाख रुपये और यात्री प्रतीक्षालय निर्माण कार्य के नाम पर करीब ढाई लाख रुपये वहीं जिर्री के कटरा ग्राम में नाली निर्माण कार्य के नाम 75 हजार रुपए की राशि निकाली गई है। इतना ही नहीं निर्माण कार्यों के बगैर मूल्यांकन और सत्यापन के सरपंच पति राजेश असाटी ने अधिकारियों से मिलीभगत कर लाखों रुपये निकालकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। इसके अलावा अन्य निर्माण कार्यों में भी सरपंच- सचिव के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया है।
इनका कहना है
जिर्री में हुए निर्माण कार्यों की जांच के लिए जनपद सीईओ को बोला है। सीईओ से जांच रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जायेगी।
जगदीशचंद्र गोमे, सीईओ जिला पंचायत।