कटनी

सरकार के लगाए तीस लाख, पौधे की जगह नजर आ रहे मैदान…

नर्मदा बेसिन में बहोरीबंद में पिछले साल हुआ था एक लाख 69 हजार पौधों का रोपण
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Updated: 2 Jul 2018, 8:07 PM IST
Millions of plants dried up in negligence
Millions of plants dried up in negligence

कटनी. नर्मदा बेसिन को हरा भरा बनाने राज्य शासन ने नमामि देवी नर्मदे अभियान के अंतर्गत पिछले साल लाखों रुपये खर्च कर पौधे लगवाए थे। देखरेख के अभाव में बेसिन में पौधे ही नहीं बचे हैं और इस साल फिर से अभियान प्रारंभ है। पिछले साल बहोरीबंदर तहसील क्षेत्र के नर्मदा नहर के तट में बसे गांवों सहित शासकीय भूमि में एक लाख 69 हजार पौधों का रोपण किया गया था लेकिन उसमें स्थानों पर इक्का दुक्का पेड़ ही नजर आ रहे हैं। पिछले साल के अभियान में विकासखंड में पौधे लगाने के लिए शासन का 30 लाख रुपये खर्च हुआ था। ब्लाक में दो चरणों में 79 ग्राम पंचायतों में पौधे रोपे गए थे। पहले चरण में 40 और दूसरे चरण में 39 पंचायतों में अभियान चलाया गया था।
एक हजार पौधरक्षक हुए थे नियुक्त
पौने दो लाख पौधों के रोपण के साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए पौधरक्षकों की भी तैनाती की गई थी। गांव-गांव में नियुक्त रक्षकों की संख्या एक हजार के लगभग थी और उसके बाद भी पौधे सुरक्षित नहीं बच पाए हैं। 2 जुलाई 2017 को रोपे गए पौधों के साथ ही गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज कराया गया था लेकिन उसके बाद भी शासन की मंशा पूरी नहीं हो सकी है।
कई विभागों का था योगदान
पौधरोपण अभियान के तहत न सिर्फ वन विभाग बल्कि जिला प्रशासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा, कृषि, पुलिस, खनिज विभाग सहित अन्य विभागों ने भी पौधे रोपे थे। रोपने के बाद बारिश में दो-तीन माह पौधे हरे-भरे रहे लेकिन उसके बाद से पानी कमी में दम तोडऩा शुरू कर दिया। अभियान के बाद जहां पर हरियाली नजर आ रही थी, वर्तमान में उन स्थानों में अब मैदान नजर आ रहे हैं।
इनका कहना है.
2 जुलाई 2017 को विकासखंड में वृहद स्तर पर पौधे रोपे गए थे। उनके लिए रक्षक भी नियुक्त थे। पानी की कमी के कारण कई स्थानों पर पौधे सूखे हैं। इस बार भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने सरकार द्वारा नीम बीजों रोपण अभियान चलाया जा रहा है,जिसके प्रयास सार्थक रहेंगे।
शिवानी जैन, जनपद सीईओ बहोरीबंद

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