- शहर की अधिकांश बस्तियों व प्रमुख आवाजाही वाले क्षेत्र में सड़कें एकदम जर्जर हैं। लोगों को आवागमन में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन नगर निगम द्वारा एक स्थान पर किसी व्यक्तिविशेष को लाभ पहुंचाने के लिए लाखों रुपये की चकाचक सड़क का निर्माण करवा दिया गया है। - हैरानी की बात तो यह है कि निगम के जिम्मेदार अधिकारी भी ऐसे निर्माण को न सिर्फ स्वीकृति प्रदान कर दी बल्कि राशि भी जारी कर दी। - राय कॉलोनी में दुगाड़ी नाला के पहले एक निजी स्कूल के बगल से जाने वाले मार्ग में सीमेंट सड़क का निर्माण कराया गया है।
कटनी. शहर की अधिकांश बस्तियों व प्रमुख आवाजाही वाले क्षेत्र में सड़कें एकदम जर्जर हैं। लोगों को आवागमन में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन नगर निगम द्वारा एक स्थान पर किसी व्यक्तिविशेष को लाभ पहुंचाने के लिए लाखों रुपये की चकाचक सड़क का निर्माण करवा दिया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि निगम के जिम्मेदार अधिकारी भी ऐसे निर्माण को न सिर्फ स्वीकृति प्रदान कर दी बल्कि राशि भी जारी कर दी। जानकारी के अनुसार राय कॉलोनी में दुगाड़ी नाला के पहले एक निजी स्कूल के बगल से जाने वाले मार्ग में सीमेंट सड़क का निर्माण कराया गया है। बताया जा रहा है कि यहां पर नगर निगम से एक छोटी सी सड़क और पुलिया की स्वीकृति मिली थी। क्षेत्रीय इंजीनियर द्वारा उसका स्टीमेंट बढ़वाकर सड़क का निर्माण करवा दिया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि यहां पर सिर्फ एक ही व्यक्ति का घर बना है। बताया जा रहा है कि एक कुछ लोगों के प्लाट खाली पड़े होने के कारण लाभ पहुंचाने यह किया गया है।
कटनी नदी पुल जांच कराने मंत्री से मांग
शहर की जीवनदायनी कटनी नदी पर बन रहा पुल निर्माण में लापरवाही से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। पुल के धंसक जाने से अब शहर के लोगों में निर्माण में और देरी होने की चिंता सता रही है। इस पर लोगों ने लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा से शीघ्र जांच पूरी कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए शीघ्र काम शुरू कराए जाने मांग की ही है। जिला शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने इस मामले में सज्जन सिंह वर्मा से चर्चा की। इस पर मंत्री ने एक सप्ताह के अंदर इंजीनियर इन चीफ मध्यप्रदेश को कटनी जाकर पुल का मौके में निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
इनका कहना है
यदि बगैर किसी खास उपयोगिता के सड़क का निर्माण कराया गया है तो यह गंभीर मामला है। यह काम कब और कैसे हो गया, इसकी जांच कराई जाएगी।
शैलेंद्र शुक्ला, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।