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16 हजार से अधिक किसानों का 248 करोड़ रुपए भुगतान अटका, स्लॉट बुकिंग बंद

गेहूं खरीदी बढ़ी, लेकिन भुगतान और स्लॉट संकट से किसान परेशान, स्लॉट न मिलने से खरीदी केंद्रों व जिला मुख्यालय के चक्कर लगा रहे अन्नदाता

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कटनी

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Balmeek Pandey

May 17, 2026

Farmers distressed over wheat sales

Farmers distressed over wheat sales

कटनी. जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य तेजी से जारी है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2026-27 में अब तक 32 हजार 127 किसानों से 1 लाख 57 हजार 533 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। जबकि समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए 52 हजार 991 किसानों ने पंजीयन कराया है। शासन द्वारा किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है, जिसमें 2585 रुपये समर्थन मूल्य और 40 रुपए बोनस शामिल है।
हालांकि उपार्जन के बड़े आंकड़ों के बीच किसानों की सबसे बड़ी चिंता भुगतान और स्लॉट बुकिंग को लेकर सामने आ रही है। जिले में अब तक केवल 16 हजार 72 किसानों को ही लगभग 407.22 करोड़ रुए का भुगतान हो पाया है, जबकि 16 हजार 55 किसानों का करीब 248.18 करोड़ रुपए अब भी बकाया है। भुगतान में हो रही देरी से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और वे खरीदी केंद्रों व संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

मजबूर हैं किसान

कई किसानों का कहना है कि गेहूं बेचने के बाद उन्हें समय पर राशि नहीं मिल रही, जिससे खेती के अगले कार्य और घरेलू जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि कार्यों के लिए पैसों की आवश्यकता है, लेकिन भुगतान अटकने से परेशानी लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर स्लॉट बुकिंग बंद हो जाने से भी बड़ी संख्या में किसान परेशान हैं। शासन द्वारा गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 23 मई तक बढ़ा दी गई है, लेकिन कई किसानों के स्लॉट अब तक बुक नहीं हो पा रहे हैं। इससे किसानों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से किसान रोजाना खरीदी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन स्लॉट नहीं खुलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते स्लॉट बुक नहीं हुए तो उनकी उपज समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पाएगी।

यह है जिले की स्थिति

जिले में गेहूं उपार्जन के मामले में ढीमरखेड़ा तहसील सबसे आगे है, जहां 7708 किसानों से 31 हजार 489 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसके बाद विजयराघवगढ़ में 24 हजार 977 मीट्रिक टन और बहोरीबंद में 23 हजार 236 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ है। प्रशासन का दावा है कि उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए छाया, पेयजल, तौल कांटे, बारदाना, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और साफ-सफाई जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र कराने के निर्देश भी दिए हैं। किसानों की मांग है कि भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और बंद स्लॉट बुकिंग तत्काल शुरू की जाए, ताकि जिले का कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए।