कटनी

यहां मिट्टी के ढेर ले रहे लोगों की जान…पढि़ए खबर

कटनी-दमोह मार्ग में देवगांव के पास लगे ढेरों को हटाने नहीं हुई कार्रवाई, हादसे में दबने से दो साल में तीन लोगों की हो चुकी है मौत

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Sep 24, 2018
Negligence in removing the clay pile

कटनी. कटनी-दमोह मार्ग के निर्माण के दौरान देवगांव के पास क्रेसर लगाकर गिट्टी तोडऩे के बाद निकली मिट्टी और डस्ट के ढेर लगाकर छोड़ दिए गए हैं। घरों व सड़कों के निर्माण में आसपास की पंचायतों के लोग मिट़्टी के ढेरों से खुदाई कर रहे हैं और हादसे का शिकार हो रहे हैं। दो साल से अधिक समय से लगे ढेरों को हटाने या सुरक्षित कराने का आज तक न तो एमआरडीसी ने काम कराया है और न ही खनिज विभाग ने ही ध्यान दिया है। दो साल मे मिट्टी के ढेर में दबने से तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है।
दो स्थानों पर लगे मौत के ढेर
कटनी से दमोह के बीच 101 किमी. का मार्ग निर्माण एमपीआरडी ने दो सौ करोड़ से अधिक की लागत से कराया था। निर्माण में काम कर रही एजेंसी ने सड़क के लिए गिट्टी तैयार करने रीठी तहसील की ग्राम पंचायत देवगांव व सिमरा के बीच क्रेसर लगाने की अनुमति ली थी। काम के दौरान क्रेसर से निकलने वाले छोटे पत्थरों व मिट्टी के ढेरों को पहाड़ी पर ही छोड़ दिया गया है। दोनों पंचायतों के बीच में दो स्थानों पर बड़े-बड़ेे ढेर लगे हैं। जिसका उपयोग ग्राम पंचायतों व आमजन घरों आदि के निर्माण में लेने खुदाई कर रहे हैं।
दबने से हुई महिलाओं की मौत
वर्ष 2016 में देवगांव पंचायत में सड़क निर्माण के लिए मिट्टी खोदने गए मजदूरों के ऊपर ढेर गिर गया था। जिसमें आधा दर्जन मजदूर दब गए थे और एक महिला की मौत भी हो गई थी। पिछले वर्ष माह जुलाई 2017 में सिमरा पंचायत से ट्रैक्टर में मिट्टी भरने आई तीन महिलाएं मिट्टी गिरने से दब गई थीं और उसमें से दो लोगों की मौत हो गई थी।
इनका कहना है...
ग्राम पंचायत के पास लगे ढेर से खतरनाक हैं। जिसमें दो बार हादसा हो चुका है। पंचायत की ओर से एक बार ढेर को समतल कराया था लेकिन खुदाई के बाद वह फिर खतरनाक स्थिति में आ गए हैं। अधिकारियों को जानकारी है लेकिन उसका कोई हल नहीं निकाला गया।
संध्या राय, सरपंच ग्राम पंचायत देवगांव

मिट्टी के ढेरों को सुरक्षित कराने के लिए संंबंधित ठेकेदार को निर्देश पूर्व में दिए गए थे। यदि अभी तक उन्हें सुरक्षित नहीं कराया गया है तो मौके का निरीक्षण करेंगे और उन्हें सुरक्षित कराया जाएगा।
सुनील कालरा, प्रबंधक एमपीआरडीसी

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Published on:
24 Sept 2018 09:56 pm
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