२ लाख ३० हजार ४०३ क्विंटल धान का भी नहीं हुआ परिवहन
कटनी. जिले में समर्थन मूल्य पर बनाए गए धान खरीदी केंद्रों में अन्नदाता की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। स्थिति यह है कि किसानों ने अपनी उपज किसी तरह तो बेच ली है, लेकिन अब भुगतान के लिए खरीदी केंद्र प्रभारियों, अधिकारियों और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। अधिकांश केंद्रों में १२ दिसंबर से लेकर २२ दिसंबर तक का भुगतान अटका हुआ है। जिले में वर्तमान की स्थिति में ११०० किसानों को २३ करोड़ से अधिक का भुगतान लंबित है। नियम के अनुसार किसानों के खाते में उपज बेचने के बाद ४८ घंटे में राशि जारी करने का प्रावधान है। खरीदी केंद्र प्रभारियों द्वारा भेजी गई ऑनलाइन रिपोर्ट के अधार पर भोपाल से ऑनलाइन आरटीजीएस क माध्यम से राशि पहुंचनी होती है इसके बाद चैक के माध्यम से किसानों के खाते में राशि भेजने का प्रावधान है। भुगतान के अलावा जिले में धान के परिवहन की भी समस्या बनी हुई है। २ लाख ३० हजार ४०३ क्विंटल धान उठाव के लिए पड़ी हुई है। वहीं अभी तक २७०० क्विंटल से अधिक धान अमानक होने पर रिजेक्ट कर दी गई है।
यह है खरीदी की स्थिति
जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए ५४ केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से बुधवार तक १३ लाख ३६ हजार ५२० क्विंटल की खरीदी हो चुकी है। १० लाख ७३ हजार २४९ क्विंटल का परिवहन हो चुका है। यह खरीदी १४ हजार ९३२ किसानों से की गई है। इसके एवज में १९२ करोड़ का भुगतान ११ हजार ३०० किसानों को किया जा चुका है। इस साल १७ लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष १९ केंद्रों की खरीदी वेयर हाउस में होने के बाद भी परिवहन की समस्या बन रही है। अफसरों द्वारा समय पर पर्याप्त तैयारी न किए जाने के कारण यह समस्या बन रही है। शहर के दोनों केंद्रों में भी किसान परेशान हैं। विपणन केंद्र में धान बेचने वाले किसान प्रहलाद यादव देवरी खुर्द, मेवालाल अग्रवाल बिलहरी, कशिश बालानी पोड़ी, गंगाराम कटारिया कटनी आदि का भुगतान १२ दिसंबर से लंबित है। इसी प्रकार प्राथमिक कृषि साख समिति में १७ दिसंबर के बाद से भुगतान नहीं हुआ। यहां पर २७० कृषकों का २ करोड़ ४७ लाख रुपए से अधिक का भुगतान बाकी है।
बरही क्षेत्र में भी रफ्तार धीमा
बरही क्षेत्र में भी धान खरीदी केंद्रों में मनमानी का आलम है। बरही क्षेत्र में ५ केंद्र बनाए गए हैं, इसमें से अधिकांश क्षेत्रों में उठाव की रफ्तार कम है। वहीं भुगतान की किसानों को समय पर नहीं हो रहा। खितौली खरीदी केंद्र में ८ हजार क्विंटल धान खुले में पड़ी हुई है। खरीदी केंद्र प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि धान का परिवहन नहीं हो रहा है। इससे धान सूख रही है और समिति को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा बारदाना न होने से भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बहोरीबंद में भी किसान परेशान
बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बनाए गए केंद्र में उपज बेचने वाले किसान परेशान हैं। स्लीमनाबाद सेंटर में समय पर उठाव न होने की वजह से केंद्र में कई दिनों से धान पड़ी हुई है। इससे किसानों की धान तुलाई के लिए परेशानी हो रही है। क्षेत्र के ३०० से अधिक ऐसे किसान हैं जिनका २० दिसंबर के बाद से भुगतान अटका हुआ है। जबकि नियम के अनुसार ४८ घंटे में किसानों के खाते में राशि जारी करने के नियम हैं।
विगढ़ और बड़वारा भी नहीं अछूता
खून-पसीने की मेहनत का प्रतिफल पाने के लिए किसान उपज लेकर केंद्र पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें यहां भी मुसीबतें घेरे हुए हैं। विजयराघवगढ़ और बड़वारा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों में मनमानी का आलम हैं। यहां पर किसानों से अधिक उपज लेने व समय पर उठाव न होने की समस्या बनी हुई है। ढीमरखेड़ा और उमरियापान के केंद्रों में भी कमोवेश स्थिति है।
इनका कहना है
वेयर हाउस में जगह न होने के कारण परिवहन की रफ्तार कम हो गई थी। अब मझगवां ओपन कैप में भंडारण की अनुमति मिल चुकी है। दो-तीन दिन के अंदर अधिकांश परिवहन कराया जाएगा। भुगतान भी शीघ्र ही किसानों के खातों में पहुंचेगा।
संजय सिंह, प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम।