Occupying government nursery by cutting trees
कटनी/स्लीमनाबाद. जिले की बेसकीमती सरकारी जमीन में कब्जे की होड़ मची है। शहर से लेकर गांव तक माफिया राज हावी है। राजस्व भूमि हो या वन भूमि, सब पर कुछ लोगों की वक्रदृष्टि है। लगातार कब्जे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। मौन सहमति से मनमानी जारी है। ऐसा ही एक गंभीर मामला स्लीमनाबाद क्षेत्र के ग्राम पंचायत जुजावल में सामने आया है। सरकारी नर्सरी पर दबंगों द्वारा हरे-भरे पेड़ों की कटाई और भूमि पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। यह घटना पर्यावरण संरक्षण और ग्राम स्तर पर किए जा रहे पौधरोपण कार्यों पर गंभीर आघात है। ग्राम पंचायत सरपंच रामकृपाल हल्दकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्लीमनाबाद तहसीलदार सारिका रावत को शिकायत सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नर्सरी में किया गया पौधरोपण, दबंगों ने उखाड़ फेंकी मेहनत
ग्राम पंचायत जुजावल की सरकारी नर्सरी, खसरा नंबर 06, 08, 15, 16 सहित अन्य नंबरों पर, पिछले 25 वर्षों से हर साल लाखों रुपए खर्च करके पौधरोपण किया जा रहा था। इस पौधरोपण में आम, अमरूद, सागौन, बांस और अन्य मूल्यवान पौधे लगाए गए थे, जो समय के साथ बड़े होकर पेड़ का रूप ले चुके थे। इन पौधों ने न केवल नर्सरी की हरियाली बढ़ाई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती दी। हरियाली का कत्लेआम करते हुए कब्जा जमाया जा रहा है।
इन लोगों द्वारा की जा रही मनमानी
गांव के कुछ लोगों ने इस नर्सरी पर अवैध रूप से कब्जा करने और खेती करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अर्जुन गौड़, बल्लू सिंह, अशोक सिंह, लल्लू सिंह, रामकिशोर, सुरेश, सुखचैन, मुकेश पटेल सहित अन्य लोगों ने दबंगता से नर्सरी के हरे-भरे पेड़ों को काटकर भूमि की सफाई शुरू कर दी है। इस अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई से सरकारी नर्सरी की सुंदरता नष्ट हो गई और अब वह वीरान दिखाई देने लगी है।
सरपंच ने की शिकायत, कार्रवाई की मांग
सरपंच रामकृपाल हल्दकार ने तहसीलदार सारिका रावत को सौंपे गए शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से बताया कि नर्सरी की जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने न केवल हरे-भरे पेड़ काटे हैं, बल्कि खेती करने के उद्देश्य से नर्सरी की सफाई भी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो जल्द ही पूरी नर्सरी को खाली कर दिया जाएगा और सभी पेड़ों का सफाया कर दिया जाएगा।
पर्यावरण पर खड़ा किया संकट
यह घटना न केवल सरकारी संपत्ति के अवैध कब्जे का मामला है, बल्कि पर्यावरण पर भी एक बड़ा खतरा है। नर्सरी में किए गए पौधरोपण से गांव और उसके आसपास के क्षेत्र में हरियाली फैलने के साथ-साथ वातावरण में सुधार हुआ था, लेकिन दबंगों द्वारा पेड़ों की कटाई से न केवल पर्यावरण को नुकसान हुआ है, बल्कि ग्राम पंचायत द्वारा किए गए वर्षों की मेहनत पर भी पानी फिर गया है।
प्रभावी कार्रवाई की मांग
ग्राम पंचायत जुजावल की जनता अब इस बात की प्रतीक्षा कर रही है कि तहसील व प्रशासन दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाता है। यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो भविष्य में सरकारी नर्सरियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर और भी गंभीर संकट आ सकता है। लोगों ने कलेक्टर से इस मामले में प्रभावी कार्रवाई कराने मांग की है।
इनका कहना है
ग्राम पंचायत जुजावल में सरकारी नर्सरी से पेड़-पौधों को काटकर खेती करने सरकारी भूमि पर कब्जा करने का मामला संज्ञान में आया है। हल्का पटवारी के साथ मौका निरीक्षण किया जाएगा। सरकारी नर्सरी पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
सारिका रावत, तहसीलदार।