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सोने के बाद अब कटनी की धरती उगलेगी ‘काला सोना’, उमड़ार नदी के किनारे मिला कोयले का भंडार, GsI ने किया सर्वे

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण व खनिज विभाग की टीम ने किया सर्वे, लिए गए कोयले के नमूने, नलकूपों की भी हुई जांच प्रारंभिक जांच में मिले बेहतर संकेत, खनिज विभाग सतर्क, क्वालिटी और क्षेत्रफल की जांच के लिए होगा सर्वेक्षण

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 18, 2026

Coal Mine Discovered in Katni

Coal Mine Discovered in Katni

कटनी. खनिज संपदा के लिए पहचाने जाने वाले कटनी जिले में एक बार फिर बड़ी उपलब्धि सामने आई है। सोने के भंडार के संकेतों के बाद अब जिले में कोयले का अकूत भंडार मिलने की खबर से खनिज जगत और प्रशासन में हलचल मच गई है। जानकारी के अनुसार जनपद बड़वारा अंतर्गत ग्राम पंचायत लोहरवारा के सलैया केवट क्षेत्र में उमड़ार नदी के किनारे भारी मात्रा में कोयला निकल रहा है।
बताया जा रहा है कि उमड़ार नदी से लगी रेत खदान के घाट पर खनन के दौरान कोयले की मौजूदगी सामने आई। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बोरियों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर कोयले का परिवहन करते नजर आए। कोयले के इस अवैध उत्खनन को लेकर अब प्रशासन और खनिज विभाग सतर्क हो गया है।

जीएसआई व खनिज विभाग की टीम ने किया सर्वे

सूचना पर शनिवार को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) की टीम व खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया। संयुक्त दल में क्षेत्रीय प्रमुख क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर संजय धोपेश्वर, सहायक भौमिकीविद अनिल चौधरी, डॉ. रत्नेश दीक्षित उप संचालक खजिन, सहायक खजिन अधिकारी पवन कुशवाहा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पर ढाई घंटे तक सर्वे किया। यहां से कोयले के नमूने एकत्रित किए गए हैं। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने कोयले को लेकर काफी अच्छे संकेत पाए हैं। कोयले के नमूने भी जांच के लिए गए हैं। अब यह देखा जा रहा है कि कितनी गहराई व क्षेत्रफल में यह पत्थर है, इसको देखा जा रहा है।

उच्च गुणवत्ता का बताया जा रहा कोयला

उमड़ार नदी के किनारे स्थित एक रेत खदान में खनन कार्य के दौरान अचानक पत्थर जैसा काला पदार्थ निकलने लगा। जब ग्रामीणों को यह जानकारी मिली कि यह उच्च गुणवत्ता वाला कोयला हो सकता है, तो मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही ग्रामीण बोरियों और साइकिलों पर कोयला भरकर ले जाते नजर आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। यदि सर्वे रिपोर्ट सकारात्मक रहती है और यहां बड़ी कोल खदान विकसित होती है, तो इससे न केवल कटनी बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को बड़ा राजस्व लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

माइनिंग कॉन्क्लेव के बाद बड़ी उपलब्धि के संकेत

गौरतलब है कि करीब पांच माह पूर्व माइनिंग कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 56 हजार 400 करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए थे। जिले में पहले ही सोने और क्रिटिकल मिनरल्स के संकेत मिल चुके हैं और अब लिग्नाइट व थर्मल कोल के बड़े भंडार सामने आने से कटनी के खनिज भविष्य को लेकर उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।

ए-ग्रेड का बताया जा रहा कोयला

बिटूमिनस ग्रेड थर्मल कोयला पाया गया है। उमरिया जिला से लगा हुआ बरही क्षेत्र होने के कारण यहां तक कोयला की संभावना पाई गई है। आधा मीटर से उपर डेढ़ से दो फीट का एक्सपोजर दिख रहा है। कितना कोयला है, कितनी मात्रा में कोयला है, इसका पता संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म (डायरेक्टर जियोलॉजियन माइनिंग) विभाग सर्वे करेगा। माइनिंग हो सकती है कि नहीं, कितने लेवल कोयले की सीम कितनी है यह देखा जाएगा। ड्रिलिंग करके परीक्षण किया जाएगा। इकोनॉमिकल माइनिंग हो सकती है की नहीं यह देखा जाएगा। खजिन विभाग क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।

खास-खास

- क्षेत्रीय प्रमुख भौमिकी तथा खनिकर्म जबलपुर की अगुवाई में खनिज टीम द्वारा बड़बारा तहसील अंतर्गत ग्राम लुहारवारा का किया गया संयुक्त सर्वे।
- कोयला सीम मिलने की हुई है पुष्टि, उमराड़ नदी के कटाव के कारण कोयले की मिली सीम एक्सपोज्ड।
- दल द्वारा अलग अलग स्थानों से कोल खनिज के सैंपल किए गए एकत्रित, जांच के लिए भेजे जाएंगे प्रयोगशाला।
- प्रथम दृष्टया कोल खनिज मिलने और विस्तारण की उपलब्धता क्षेत्र में पाई गई है, सैंपल एनालिसिस के बाद कोयले की ग्रैड का होगा निर्धारण।
- क्षेत्र और खनिज की गहराई में मौजूदगी की पहचान, पूर्वेक्षण करके पता लगाने की होगी कार्यवाही।
- संयुक्त दल ने इसके अलावा बड़ेरा क्षेत्र से भी आयरन ओर के सेम्पल किए हैं एकत्रित, सर्वे टीम द्वारा बारीकी से की जाएगी जांच।

वर्जन

क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर से क्षेत्रीय प्रमुख व खनिज अमले द्वारा लोहरवारा गांव का संयुक्त सर्वे किया गया है। कोल सीन पाया गया। इसकी सेम्पलिंग कराई गई है। नदी के कटाव क्षेत्र में सीम दिख रही है। क्षेत्र कितना है, इसका सर्वे कराया जाएगा। आसपास के बोरहोल भी देखे गए हैं। परिणाम अच्छे लग रहे हैं। सर्वेक्षण व ग्रेडिंग जांच के बाद और स्थिति स्पष्ट होगी। कटनी में कोयला खदान के इजाफे की संभावना है।

रत्नेश दीक्षित, उप संचालक खनिज।