सिविल लाइन में रहने वाले प्रीमियर फैक्ट्री के अफसर को ठगों ने बनाया निशाना, पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
कटनी. साइबर ठगी करने वाला गिरोह अब ओटीपी नहीं बल्कि लोगों के दिलो-दीमाग में घुसकर मददगार बनकर मोबाइल हैक कर रहे हैं और खातों से जिंदगीभर की जमा पूंजी उड़ा रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनी खेज मामला सामने आया है। एनकेजे में संचालित होने वाली प्रीमियर फैक्ट्री के जीएम को निशाना बनाया है। उनको दवा भिजवाने का आश्वासन देकर मोबाइल में एक लिंक भेजकर हैंक करते हुए खातों से 10 लाख 51 हजार रुपए पार कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार गौतम कुमार भट्टाचार्य मूल निवासी बनारस हाल निवासी सिविल लाइन एनकेजे में संचालित होने वाली प्रीमियर फैक्ट्री में बतौर जीएम पदस्थ हैं। पुलिस को की गई शिकायत में भट्टाचार्य ने बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। कई प्रकार की दवाएं चलती हैं। कुछ दिन पहले उनके पास एक युवक का फोन आया और उसने कहा कि हम दवा सप्लायर हैं। आपकी जो दवाएं चल रही हैं वह हम बहुत सही दाम में मुहैया कराएंगे। युवक कई बार फोन करता रहा।
युवक कभी भैया तो कभी अंकल कहकर भट्टाचार्य का ब्रेनवॉश किया और फिर कहा कि अंकल यदि आपको भरोसा नहीं है तो अपना वॉट्सऐप खोलिये, मैने अपना नाम व जानकारी भेजी है। जैसे ही भट्टाचार्य ने वाट्सऐप पर आई जानकारी को क्लिक किया तो मोबाइल हैक हो गया और फिर बदमाश ने इत्मिनान से तीन बैंक खातों से साढ़े 10 लाख रुपए से अधिक पार कर दिए।
साइबर ठगों ने 30 व 31 जुलाई को भट्टाचार्य के एक खाते से 10 लाख रुपए से अधिक एक्वाटास बैंक से, 45 हजार रुपए एचडीएफसी बैंक से, 5 हजार रुपए केनरा बैंक खाता से गायब कर दिए हैं। हालांकि इस दौरान भट्टाचार्य को यह आभाष हो गया कि उनके साथ साइबर ठगी हो रही है तो उन्होंने तत्काल अन्य बैंक खातों में होल्ड लगवाया। शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर बैंक दस्तावेजों के पहुंचकर ठगी की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
डॉ. संतोष डेहरिया, एएसपी ने कहा कि एक व्यक्ति के साथ 10 लाखा रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बदमाशों ने दवा सप्लाई के नाम पर लिंक भेजकर मोबाइल हैक करते हुए ठगी की है। मामले की जांच कराई जा रही है।