कटनी

मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी करने चुनावी वर्ष में शुरू हुआ सर्वे, विरोध में उतरे हजारों आदिवासी

ढीमरखेड़ा के ग्राम भोपार में महानदी पर प्रस्तावित है वृहद सिंचाई योजनाकटनी व उमरिया के 14 गांव आएंगे डूब क्षेत्र में, आधा दर्जन से अधिक गांवों से ग्राम अतरिया पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने लगाई चौपाल, किया विरोध

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Aug 21, 2023
मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी करने चुनावी वर्ष में शुरू हुआ सर्वे, विरोध में उतरे हजारों आदिवासी
मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी करने चुनावी वर्ष में शुरू हुआ सर्वे, विरोध में उतरे हजारों आदिवासी

कटनी. बड़वारा विधानसभा क्षेत्र में जनदर्शन यात्रा सहित अन्य अवसरों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महानदी पर वृहद सिंचाई योजना बनाने की घोषणा पिछले 10 वर्षों में कई मौके पर की है। सीएम की घोषणा साकार हो सके, इसके लिए जलसंसाधन विभाग अफसरों ने ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम भोपार में महानदी पर योजना बनाना प्रस्तावित किया है। विभाग के प्रस्ताव पर चुनावी वर्ष में सर्वेक्षण कार्य के लिए राशि जारी की गई है। राशि जारी होने के बाद भोपाल की कंपनी के अधिकारी सर्वेक्षण कार्य के लिए तहसील क्षेत्र के ग्रामों में पहुंचे तो आदिवासी ग्रामीण सकते में आ गए और योजना के विरोध में उतर आए। रविवार को योजना से प्रभावित होने वाले करीब 14 गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण ग्राम पंचायत अतरिया पहुंचे। यहां चौपाल में योजना के विरोध में रूपरेखा तैयार की। विधायक विजयराघवेन्द्र सिंह की मौजदूगी में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि योजना से कटनी सहित उमरिया जिले के 14 गांव डूब क्षेत्र में आने से प्रभावित होंगे। इन गावों में अधिकांश परिवार आदिवासी हैं। ये आदिवासी बहुल्य गांव हैं। गरीब परिवारों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ेगा। ज्ञापन में योजना को निरस्त करने की मांग की गई।

जलसंसाधन विभाग ने बनाई है ये योजना- जानकारी के अनुसार ग्राम भोपार में महानदी पर जलसंसाधन विभाग ने वृहद सिंचाई योजना बनाई है। प्रस्तावित योजना में जिले की 51 हजार 400 हेक्टेयर व उमरिया जिले की 34 हजार 100 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो सकेगी। योजना से कटनी के आठ व उमरिया जिले के छह गांव प्रभावित होंगे। इस क्षेत्र में आने के कारण इन्हें विस्थापित करना होगा। सर्वेक्षण कार्य के लिए बजट जारी होने के बाद टेंडर के अनुसार कंपनी का चयन किया गया है। भोपाल की सायनोटेक कंपनी को सर्वेक्षण का जिम्मा सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री ने कब-कब की घोषणा

विजयराघवगढ़ में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान 2 अगस्त 2018 को कहा कि महानदी, कटनी नदी एवं उमडार नदी में लगे हुए ग्रामों में समूह नलजल योजना एवं सिंचाई हेतु लिफ्ट एरिगेशन कराया जाएगा।

बड़वारा के ग्राम खमतरा में 11 सितंबर 2016 को घोषणा में कहा कि महानदी का पानी सिंचाई हेतु लिफ्ट एरीकेशन योजना के तहत लाया जाएगा।

खमरिया में 11 सितंबर 2016 को बांध बनाने की घोषणा की।

मझौली मोड़/ भुड़सा में 11 सितंबर 2016 को घोषणा की, कहा महानदी का सर्वे कराकर तकनीकी दृष्टि से सही पाया गया तो पानी दिया जाएगा।

सीएम की उक्त घोषणाओं को भोपार में महानदी पर वृहद सिंचाई योजना में शामिल करते हुए पूरा करने योजना प्रस्तावित की गई है।

विस्थापन के डर से विरोध हुआ शुरू

योजना में जिले के आठ गांवों को विस्थापित करने का विरोध ग्रामीण कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग भले ही 8 गांवों को डूब क्षेत्र में आना बता रहा है लेकिन योजना बनने के बाद कई और गांव इसकी चपेट में आएंगे। ऐसा ही बाणसागर परियोजना में हुआ था।

भोपार में महानदी पर वृहद सिंचाई योजना के तहत सर्वे के लिए कुछ अधिकारी गांवों में पहुंचे थे। ग्रामीणों को डूब क्षेत्र में आने व विस्थापित होने की जानकारी मिलने पर वे योजना के विरोध में उतर आए हैं। बड़ी संख्या में एकजुट हुए ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताई है। योजना निरस्त करने की मांग की गई है।
विजयराघवेन्द्र सिंह, विधायक, बडवारा

मुख्यमंत्री द्वारा महानदी पर सिंचाई योजना के लिए घोषणा की गई थी। विभाग द्वारा योजना प्रस्तावित की गई है। सर्वेक्षण कार्य भोपाल की कंपनी द्वारा किया जाना है। योजना में जिले के 8 गांव डूब क्षेत्र में आएंगे, इसका विरोध किया जा रहा है।
जेपी बघेल, कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन विभाग

Published on:
21 Aug 2023 08:51 pm