एक साल से भवन की स्वीकृति, नहीं शुरू हो पाया काम, कोतवाली पुलिस लाइन में जर्जर भवनों में पॉलीथिन लगाकर रह रहे कर्मचारी
कटनी. वर्षों से जर्जर भवनों में रह रहे पुलिसकर्मियों को विभाग नए भवन बनाकर देने स्वीकृति दे चुका है लेकिन खुद की सुविधा की राह में निवास कर रहे कर्मचारी ही पिछले एक साल से रोड़ा बने हुए हैं। मामला शहर की कोतवाली पुलिस लाइन का है। यहां पर थाना परिसर के पीछे वर्षों पुराने आवास हैं, जो जर्जर हो चुके हैं और उनमें हादसा होने का भी खतरा बना हुआ है। नवीन थाना भवन निर्माण के बाद पुराने मकानों को तोड़कर उनके स्थान पर 60 नए आवास बनाने की स्वीकृति पुलिस मुख्यालय से मिली थी। स्वीकृति को एक साल से अधिक का समय बीत गया है लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके पीछे कारण यह है कि एक दर्जन के लगभग जर्जर आवासों मेंं अभी भी पुलिसकर्मी रह रहे हैं। भवन खाली न करने के कारण उनको तोडऩे और नवीन निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में अधिकांश मकानों में कर्मचारी छप्पर में बारिश से बचाव के लिए पॉलीथिन लगाकर रह रहे हैं।
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मौखिक के बाद नोटिस भी हुए जारी
विभाग ने नवीन भवनों की पिछले वर्ष बजट बाद मिली स्वीकृति के बाद ही निवास करने वाले कर्मचारियों को क्वार्टर छोडऩे के मौखिक आदेश दिए थे। उसके बाद भी कई लोगों ने मकान नहीं छोड़े तो उन्हें विभाग की ओर से नोटिस भी दिए गए हैं लेकिन उसके बाद भी कर्मचारी जर्जर भवनों में ही जमे हुए हैं।
इनका कहना है...
कोतवाली परिसर में नवीन भवनों की स्वीकृति मिली थी। जिनका निर्माण कराया जाना है। पुराने भवन खाली कराते हुए काम कराया जाएगा।
राघवेन्द्र भार्गव, रक्षित निरीक्षक