कटनी

जनगणना 2027: नगरीय निकायों से सीमाओं की जानकारी तलब, शुरू हुई स्लब बस्तियों में मकानों की गणना

प्रशासन ने तेज की तैयारियां, लोकसभा-विधानसभा परिसीमन में मिलेगा लाभ, डिजिटल होगी सबसे बड़ी जनगणना

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Feb 09, 2026

कटनी. केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2027 में कराई जाने वाली जनगणना को लेकर अधिसूचना जारी होते ही कटनी जिले में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिले की सभी 9 तहसीलों में चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है, वहीं गणना कार्य के लिए सुपरवाइजर भी बनाए जा रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार नगर निगम में आयुक्त, नगर परिषदों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा तहसीलों में तहसीलदारों को चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जनगणना 2027 के तहत जिला प्रशासन ने सबसे पहले सभी नगरीय निकायों से उनकी वर्तमान सीमाओं की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसका उद्देश्य यह जानना है कि पिछले वर्षों में किसी नगरीय निकाय की सीमा में विस्तार हुआ है या नहीं। यह जानकारी लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में अहम भूमिका निभाएगी, जिससे संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का बेहतर व संतुलित निर्धारण संभव हो सकेगा। इसके तहत स्लम एरिया में बने मकानों की गणना भी शुरू कराई गई है।

1 अप्रेल से शुरू होगी जनगणना प्रक्रिया

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जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 1 अप्रेल से 30 सितंबर के बीच सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित होगा। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या की विस्तृत गणना की जाएगी। यह जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि नीति निर्माण, सामाजिक ढांचे और राजनीतिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण डेटाबेस तैयार करेगी। इस बार पूरी जनगणना डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी।

दो चरणों में होगा कार्य

अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी के अनुसार पहले चरण में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसेस किया जाएगा। इसमें घरों की सूची, निर्माण सामग्री, स्वामित्व, बुनियादी सुविधाएं, पानी, बिजली, शौचालय आदि का डेटा एकत्रित किया जाएगा। लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले नागरिकों को ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा, जिससे वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

फरवरी 2027 में आबादी की गणना

दूसरे चरण में फरवरी 2027 के दौरान आबादी की गणना होगी। इसमें जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार सहित अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारियां शामिल होंगी। आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब जनगणना में जाति गणना को शामिल किया जाएगा। कर्मचारी एंड्रॉयड और आईओएस आधारित मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे, जो रीयल टाइम में सर्वर पर ट्रांसफर होगा।

जियो टैगिंग और आधार लिंक से मिलेंगे कई फायदे

जनगणना के दौरान जियो टैगिंग और आधार लिंकिंग से डुप्लिकेट नाम हटाने में मदद मिलेगी, जिससे वोटर लिस्ट अधिक सटीक बनेगी। इसके अलावा आपदा प्रबंधन में भी यह डेटा उपयोगी होगा। बाढ़, भूकंप या अन्य आपदाओं के समय प्रभावित घरों और वहां रहने वाले लोगों की सटीक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। शहरीकरण, पलायन पैटर्न, स्कूल, अस्पताल, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने में भी यह जनगणना सहायक सिद्ध होगी।

पहले चरण में 33 सवाल पूछे जाएंगे

पहले चरण के लिए 33 सवालों की सूची तैयार की गई है। इनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की जानकारी, वाहन स्वामित्व, इंटरनेट सुविधा, पीने के पानी का स्रोत, शौचालय, एलपीजी कनेक्शन और उपयोग में आने वाले मुख्य अनाज जैसी जानकारियां शामिल हैं। परिवार के मुखिया को यह जानकारी देनी होगी।

इनका कहना है

जनगणना का पहला चरण 1 अप्रेल से शुरू हो रहा है। इसके लिए सभी 9 तहसीलों में चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है और गणना सुपरवाइजर बनाए जा रहे हैं। नगरीय निकायों से सीमाओं की जानकारी मांगी गई है, जिससे परिसीमन और योजना निर्माण में सुविधा होगी।

विंकी सिंहमारे, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी।

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Published on:
09 Feb 2026 09:18 am
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