Gajrath Mahotsava : शहर में श्री 1008 मज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंच कल्याणक एवं गजरथ महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने घटयात्रा में हिस्सा लिया। आचार्यों के सानिध्य में धर्म नगरी में गूंजे भक्ति के स्वर।
Gajrath Mahotsava :मध्य प्रदेश के कटनी में आज (9 फरवरी) को श्री 1008 मज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंच कल्याणक एवं गजरथ महोत्सव महायज्ञ अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन के प्रति जैन धर्मावलंबियों में खासा उत्साह देखने को मिला। ये आयोजन कटनी में दूसरी बार आयोजित किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां पिछले एक महीने से जोर शोर से चल रही थीं।
महोत्सव में कटनी के साथ-साथ आसपास के जिलों के साथ साथ मध्य प्रदेश के अलावा देशभर से हजारों की संख्या श्रद्धालु शामिल हुए हैं। पंच कल्याणक एवं गजरथ महोत्सव के आयोजन से कैलवारा की धरा पूरी तरह पावन और धर्ममय हो गई है।
आयोजन के पहले दिन रविवार सुबह श्री मज्जिनेंद्र जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव एवं गजरथ महोत्सव की भव्य घटयात्रा निकाली गई। ये यात्रा महावीर कीर्ति स्तंभ से शुरु होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए झुरही कैलवारा स्थित चेतनोदय तीर्थस्थल पर धर्मसभा के रूप में परिवर्तित हुई।
विशाल घटयात्रा में मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा मार्ग में जैन समाज के लोगों ने रंगोली सजाकर, पाद प्रक्षालन कर मुनि संघ की अगवानी की।
घटयात्रा में सबसे आगे अश्वारोही बैनर और धर्मध्वज लेकर चल रहे थे। उनके पीछे डीजे की करतल धुन पर भक्तिगीतों के साथ महेन्द्र, इंद्र, ईशान इंद्र, सतन इंद्र, श्रेयांश, राजा सोम और अष्ट कुमारी लोकान्तिक देव नृत्य करते हुए चल रहे थे। महिलाओं की धमाल पार्टी भी आकर्षण का केंद्र रही।
धर्मानुरागी श्रद्धालुओं के साथ सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी रही। सौधर्म इंद्र, माता-पिता भजन मंडली और दिव्य घोष जयपुर मुनि संघ भगवान का रथ लिए चल रहे थे। राजा बाहुबल, राजा भरत और धनपति कुबेर जैसे पात्रों ने बग्घी में सवार होकर यात्रा में चार चांद लगाए। इनके पीछे 800 इंद्र-इंद्राणियां मंगल कलश लेकर चल रही थीं।
घटयात्रा के चेतनोदय तीर्थ स्थल पहुंचने के उपरांत उत्तम चंद्र जैन, अनुराग जैन और अनुज जैन परिवार द्वारा मंगल ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद मंडल शुद्धि, मंडप प्रतिष्ठा और श्री जी का अभिषेक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अगले चरण में मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के मांगलिक प्रवचन आयोजित किए गए, जिनमें धर्म के महत्व और जीवन में उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। दोपहर में मंगल कलश स्थापना और योग मंडल विधान संपन्न हुआ। शाम को आचार्य भक्ति एवं शंका समाधान सत्र में श्रद्धालुओं ने धर्म संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस विराट आयोजन को सफल बनाने में विद्यासागर नवयुवक मंडल का विशेष सहयोग रहा। श्रद्धालुओं एवं इंद्र-इंद्राणियों के लिए तीन भोजनालयों की व्यवस्था की गई है। साथ ही, कार्यक्रम आयोजन के लिए 100 बाई 300 फीट का विशाल पंडाल भी तैयार किया गया है।
आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम और विद्युत विभाग ने आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। वहीं, जैन समाज द्वारा श्रद्धालुओं के ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध भी किया गया है।
ये धार्मिक आयोजन 9 फरवरी से 14 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रद्धालुओं में इस महोत्सव को लेकर गहरा उत्साह और आस्था का माहौल है।