‘परीक्षा पे चर्चा’ का नौवां संस्करण उत्कृष्ट विद्यालय में हुआ आयोजित, बोर्ड परीक्षार्थियों को मिला तनावमुक्त तैयारी का मंत्र
कटनी. शुक्रवार को उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवनगर में परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण का सीधा प्रसारण विद्यार्थियों को दिखाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के 205 विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त रखते हुए सकारात्मक सोच के साथ तैयारी के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी आईएएस हरसिमरनप्रीत कौर, जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा, मंडल अध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, मृदुल मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी, एडीपीसी धनश्री जैन, एपीसी अभय जैन तथा संस्था प्राचार्य एम किडो उपस्थित रहे।
सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर एवं भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक टंडन सोनी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए परीक्षा में बिना घबराए आत्मविश्वास के साथ शामिल होने की सलाह दी। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधानकारक उत्तर देते हुए उन्हें यह समझाया गया कि परीक्षा केवल ज्ञान का मूल्यांकन है, जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं। कार्यक्रम के दौरान परीक्षा के डर से कैसे मुक्त रहा जाए, समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। अंत में सभी अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी गईं और बेहतर परिणाम के लिए प्रेरित किया गया।
परीक्षा को कभी भी डर के रूप में न देखें। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, सही रणनीति और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। विद्यार्थियों को अपनी तुलना दूसरों से नहीं बल्कि स्वयं से करनी चाहिए और हर दिन बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए। समय प्रबंधन पर विशेष जोर देना है। पढ़ाई के साथ-साथ पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और थोड़े समय के लिए खेल या योग को भी दिनचर्या में शामिल करें। परीक्षा के समय घबराहट होने पर गहरी सांस लेने और सकारात्मक सोच अपनाएं। माता-पिता और शिक्षक विद्यार्थियों के मार्गदर्शक हैं, उनसे खुलकर बात करें। परीक्षार्थियों को ध्यान देना होगा कि सही मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझना सबसे जरूरी है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे पूरे सिलेबस को छोटे-छोटे भागों में बांटकर पढ़ाई करें और नियमित रूप से पुनरावृत्ति करते रहें। वर्षों के प्रश्न पत्र हल करने, मॉक टेस्ट देने और समय सीमा में उत्तर लिखने का अभ्यास करें। परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें, आसान प्रश्न पहले हल करें और उत्तर साफ-सुथरी लिखावट में लिखें। आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ की गई तैयारी निश्चित रूप से अच्छे परिणाम दिलाती है।
परीक्षार्थियों को तनावमुक्त रहकर पढ़ाई करनी होगी। परीक्षा के दिनों में पढ़ाई का एक निश्चित समय-सारिणी बनाना बहुत आवश्यक है और उसी के अनुसार अध्ययन करें। रातभर जागकर पढऩे की बजाय नियमित दिनचर्या अपनाएं। सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से दूरी बनाकर रखें, ताकि ध्यान भंग न हो। कठिन विषयों को डर की बजाय चुनौती के रूप में लें और शिक्षकों से समय पर मार्गदर्शन प्राप्त करें। आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर अभ्यास से परीक्षा का भय स्वत: समाप्त हो जाता है। पूरी तैयारी और विश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हों।