
Special order regarding Transport Nagar
कटनी. विकास को मुंह चिढ़ाने वाली यदि नगर निगम की कोई योजना है तो उनमें शुमार हो चुकी है ट्रांसपोर्ट नगर योजना...। 1983-84 में बनकर तैयार हुई योजना में लंबे वर्षों के अंतराल के बाद 2012 में ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को शहर से दूर जाकर पुरैनी में भवन बनाते हुए कारोबार करने के लिए भूखंड तो दे दिए गए, लेकिन कई दशक बाद भी ट्रांसपोर्ट कारोबार शिफ्ट नहीं हो पाया। उस समय पर 266 लोगों को लाभ न हानि की दशा में 30 साल की लीज पर प्लाट आवंटन की प्रक्रिया अपनाई गई थी। 114 लोगों को प्लाट भी आवंटित कर दिए गए, लेकिन कारोबारियों की मनमानी, नगर निगम की दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी के कारण आज तक यह योजना सिर्फ फाइलों, बैठकों और दावों तक सीमित होकर रह गई है, जिसका खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है।
इस योजना में बड़ा पेंच यह फंस गया है कि जबतक शेष 126 लोगों को प्लाट आवंटित नहीं हो जाते, उन कारोबारियों द्वारा निर्माण नहीं कर लिया जाता, तबतक पुराने वाले कारोबारी शिफ्ट नहीं होंगे। इस अड़ंगेबाजी के कारण अब यह योजना फिर लगभग एक साल तक फाइलों में ही घूमती नजर आएगी। अभी नगर निगम द्वारा विकास व्यय तय नहीं कर पाई, फिर भूखंडों के रेट तय होंगे, तबतक समस्या बरकरार रहेगी।
जानकारी के अनुसार मूल्यांकन समिति द्वारा विकास व्यय का पहले निर्धारण किया जा रहा है। विद्युत शाखा, जल विभाग, लोक निर्माण विभाग आदि की टीम मूल्यांकन कर रही है कि ट्रांसपोर्ट नगर में अबतक कितने रुपए के विकास कार्य करा दिए गए हैं। इंजीनियर विकाय व्यय राशि निकालकर देंगे। उस विकास कार्य कार्य की राशि ट्रांसपोर्टरों द्वारा खरीदे जाने वाले भूखंड में जमीन के कलेक्टर गाइड लाइन के मूल्य के अलावा जोडकऱ वसूल की जाएगी।
ट्रांसपोर्ट नगर के संचालन एवं समस्याओं के निराकरण के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी में 12 दिसंबर को बैठक हुई थी। इसमें विधायक संदीप जायसवाल, महापौर प्रीति सूरी, आयुक्त तपस्या परिहार, नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक की मौजूदगी में बैठक में कई निर्णय लिए गए थे। लेकिन लगभग दो माह बाद भी मामला ठंडे बस्ते में है। शेष 115 नवीन ट्रांसपोर्टरों के भूखंड आवंटन की प्रक्रिया के लिए भी शासन स्तर से मिलकर प्रयास करने की बात भी कही गई थी, लेकिन अबतक प्रक्रिया ठंडे बस्ते में है।
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने बताया था कि ट्रांसपोर्ट नगर में 15 बाय 30 मीटर के 27 भू-खंड रिक्त हैं। प्रति भू-खंड कीमत 47.92 लाख रुपए है। इसी प्रकार 12 बाय 45 के कुल 93 भू-खंड रिक्त है। प्रति भू-खंड मूल्य 19.17 लाख रुपए है। इसी तरह 5 बाय 15 के 6 भू-खंड हैं। प्रति भू-खंड का मूल्य 9.58 लाख रुपए है। उक्त भूखंडों को नीलामी के माध्यम से ही आवंटन किया जा सकेगा। ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की सुविधा को देखते हुए 4 किश्तों में राशि जमा करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
नगर निगम के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर में पूर्व में चिन्हित 226 लोगों में से पात्र 114 ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को भूखंडों के आवंटन की कार्यवाही की जा चुकी है। जिनमें से 77 लोगों के द्वारा स्थल पर विकास कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शेष ट्रांसपोर्टर से भी शीघ्र ही निर्माण कार्य पूर्ण कराते हुये ट्रांसपोर्ट नगर से ही व्यवसाय करना प्रारंभ करें ताकि नगर की यातायात व्यवस्था सुचारू बन सके। हालांकि कुछ लोग सिर्फ गोदाम का उपयोग कर रहे हैं, कारोबार नहीं।
ट्रांसपोर्ट नगर में जब सभी कारोबारियों को भूखंड आवंटित हो जाएंगे और उनके निर्माण हो जाएंगे तब कारोबार शिफ्ट होगा। अभी विकास व्यय तय किया जा रहा है। मूल्य निर्धारण व आवंटन की प्रक्रिया एमआइसी के निर्णय अनुसार होना है। कई वर्षों पुरानी समस्या है, एकदम से समाधान नहीं निकल सकता।
Published on:
07 Feb 2026 09:27 am
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