
MLA fund budget in danger of lapsing in March
शिवप्रताप सिंह @ कटनी. विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर विधायक निधि के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की चारों विधानसभा सीटों के लिए 1000 लाख रुपए की विधायक निधि उपलब्ध कराई गई, लेकिन सत्र के अंतिम महीनों में भी 40 प्रतिशत से ज्यादा राशि सिर्फ कागजों तक सीमित है। सवाल यह नहीं कि पैसा है या नहीं, सवाल यह है कि विधायकों की प्राथमिकता में विकास है भी या नहीं?
जानकारी के अनुसार जिले में अब तक केवल 585.18 लाख रुपए की ही अनुशंसा हो सकी है, जबकि स्वीकृति महज 350.47 लाख रुपए के कार्यों को मिली है। शेष 414.82 लाख रुपए आज भी बिना अनुशंसा के पड़े हैं। यदि मार्च तक इनका उपयोग नहीं हुआ तो यह राशि लैप्स हो जाएगी, और विकास एक बार फिर अगले साल के भरोसे छोड़ दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 250 लाख रुपए विधायक निधि के रूप में सरकार द्वारा दिए जाते हैं। इन रुपयों से विधायक जरूरी कार्यों की अनुशंसा करते हैं। जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग को अनुशंसा सहित कार्य भेजे जाते हैं, जिसके बाद कार्य कराए जाते हैं।
मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र में हालात सबसे चिंताजनक हैं। 250 लाख रुपए के आवंटन में से विधायक संदीप जायसवाल ने अब तक केवल 41.39 लाख रुपए की ही अनुशंसा की है। यानी 208.61 लाख रुपए अब भी इस्तेमाल से बाहर हैं। जिले में सबसे ज्यादा विकास की जरूरत वाले क्षेत्र में यह आंकड़ा कई सवाल खड़े करता है।
विधानसभा आवंटित राशि अनुशंसित राशि स्वीकृत राशि शेष राशि
विजयराघवगढ़ 250 लाख 166.39 लाख 69.34 83.61 लाख
मुड़वारा 250 लाख 41.39 लाख 23 लाख 208.61 लाख
बहोरीबंद 250 लाख 127.40 लाख 19 लाख 122.60 लाख
बड़वारा 250 लाख 250 लाख 239.14 लाख निल
कुल 1000 लाख 585.18 लाख 350.47 लाख 414.82 लाख
बहोरीबंद विधानसभा में विधायक प्रणय पांडे के खाते में आए 250 लाख में से 127.40 लाख की ही अनुशंसा हो सकी है और स्वीकृति तो सिर्फ 19 लाख रुपए के कार्यों को मिली है। कागजों में योजनाएं तैयार हैं, लेकिन जमीन पर कुछ खास दिखाई नहीं दे रहा।
बड़वारा विधानसभा क्षेत्र इस मामले में अपवाद जरूर है। विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने पूरी 250 लाख रुपए की राशि की अनुशंसा कर दी है और 239.14 लाख रुपये के कार्यों को स्वीकृति भी मिल चुकी है। वहीं विजयराघवगढ़ में विधायक संजय पाठक के क्षेत्र में 83.61 लाख रुपए अब भी लंबित हैं। सवाल उठता है कि जब बड़वारा में पूरी राशि समय पर खर्च हो सकती है, तो बाकी क्षेत्रों में देरी क्यों?
वित्तीय वर्ष 2025-26 में माननीय सांसदों द्वारा अनुशंसित कार्यों के आंकड़े सामने आए हैं, जो जिले के विकास को लेकर अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं। जानकारी के अनुसार शहडोल लोकसभा क्षेत्र की सांसद हिमांद्री सिंह ने कटनी जिले के अंतर्गत आने वाली बड़वारा विधानसभा के लिए सक्रियता दिखाई है। सांसद निधि के तहत उन्होंने 34 लाख रुपए की लागत के 4 कार्यों की अनुशंसा की, जिनमें से 24 लाख रुपए के 3 कार्यों को स्वीकृति भी मिल चुकी है। इससे बड़वारा क्षेत्र में विकास कार्यों की उम्मीद जगी है। इसके विपरीत खजुराहो लोकसभा क्षेत्र से आने वाले सांसद विष्णुदत्त शर्मा, जिनके अंतर्गत कटनी जिले की मुड़वारा, बहोरीबंद और विजयराघवगढ़ विधानसभा शामिल हैं, ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक जिले के लिए सांसद निधि से कोई भी कार्य अनुशंसित नहीं किया है। आंकड़ों के अनुसार न तो कोई राशि स्वीकृत हुई है और न ही कोई विकास प्रस्ताव भेजा गया है।
वित्तीय वर्ष में अनुशंसा हेतु शेष विधायक निधि की राशि को लेकर सभी विधायकों से पत्राचार किया गया है। अब लगातार अनुशंसाएं आ रही हैं। सभी कार्य स्वीकृत हो रहे हैं।
Published on:
07 Feb 2026 08:32 am
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