कटनी

सुबह से लोग जागे तो पूरे शहर में नजर आया कचरा ही कचरा…जानिए कारण

नगर निगम की ठेका कंपनी एमएसडब्ल्यू की लापरवाही से परेशान हुए शहर के नागरिक, जिम्मेदार कहते रहे उठेगा कचरा
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Updated: 8 Jan 2018, 11:17 AM IST
 city is dirty
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कटनी. स्वच्छता के मामले में शहर को देश में टॉप स्थान पर लाने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण २०१८ की तैयारी में नगर निगम का पूरा अमला लगा है। महापौर, आयुक्त से लेकर पार्षद और कर्मचारी नागरिकों को अपने आसपास का माहौल स्वच्छ रखने और कचरा नहीं फैलाने कह रहे हैं। नगर निगम द्वारा नियुक्त ब्रांड एंबेस्डर मोबाइल में स्वच्छता के एप डाउनलोड करवा रहे हैं। इन सबके तीन दिन से शहर का कचरा नहीं उठा।
शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर निगम ने एमएसडब्ल्यू कंपनी को ठेका दिया है। सलाना करोड़ों रुपये का भुगतान के शहर को स्वच्छ बनाए रखने के नाम पर हो रहा है। इधर एमएसडब्ल्यू के कर्मचारी तीन दिन से कचरा उठाने शहर नहीं आए। कंपनी के सफाई कर्मचारियों ने बताया कि एमएसडब्ल्यू से वेतन नहीं मिला है, इस कारण काम पर नहीं जा रहे हैं। स्थिति से निपटने के लिए एमएसडब्ल्यू कंपनी का वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं दिखा और शहर के लाखों नागरिकों को परेशान होना पड़ा।

इन स्थानों पर रहा कचरे का अंबार:
बरही रोड स्टेशन के सामने, स्टेशन चौक, गर्ग चौराहा, गर्ग चौराहा, घंटाघर, नई बस्ती, रोशन नगर में मस्जिद के पास, हाउसिंग बोर्ड गेट के पास, रामलीला मैदान, गोलबाजार, माधवनगर गेट, बंगला लाइन, तिलक राष्ट्रीय स्कूल, शास्त्रीय कॉलोनी, गुरुनानक वार्ड सहित अन्य स्थानों पर कचरा फैला रहा।

भुगतान पर अटकी बात:
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि एमएसडल्ब्यू को राशि का भुगतान किया जा रहा है। सोमवार को राशि ट्रांसफर हो जाएगी। इधर पूरे मामले को करीब से जानने वालों ने बताया कि एमएसडब्ल्यू कंपनी को भुगतान कंपनी द्वारा निगम से निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं किए जाने के कारण रुकता है। ऐसे में कई बार दबाव बनाने के लिए इस तरह के प्रयास किए जाते हैं।

जिम्मेंदारों ने नहीं दिया ध्यान
नागरिकों ने बताया कि शहर में तीन दिन से कचरा नहीं उठा इसके बाद भी जिम्मेंदार पूरे मामले पर बेपरवाह बने रहे। रविवार को महापौर शशांक श्रीवास्तव धार्मिक आयोजन से लेकर विधायक द्वारा आयोजित नया साल स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए, लेकिन सफाई को लेकर कर्मचारियों व नगर निगम के इमरजेंसी इंतजाम पर चर्चा के लिए बैठक नहीं की। पूरे मामले पर वे फोन पर ही निर्देश देते रहे।

जिम्मेदारों का कहना है...
एमएसडब्ल्यू को ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए अलग से इंतजाम करना चाहिए था। शहर को स्वच्छ रखने के मामले में कपनी की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
शशांक श्रीवास्तव महापौर

एमएसडब्ल्यू को राशि का भुगतान सोमवार को हो जाएगा। कचरा उठाने के लिए कंपनी के कर्मचारियों से बात हुई है, उनके द्वारा बताया गया है कि सोमवार से कचरा उठेगा।
संजय जैन आयुक्त नगर निगम

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