सुलभ इंटरनेशनल का मामला: निगम अफसरों ने ताक पर रखे शासन के आदेश
कटनी। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा गंभीर लापरवाही व मनमानी का मामला सामने आया है। शासन के आदेश को धता बताते हुए सुलभ इंटरनेशनल कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियम विरुद्ध तरीके से सुलभ शौचालय का अनुबंध बढ़ाकर तीन साल से नि:शुल्क बिजली व पानी दिया जा रहा है। खास बात यह है कि ठेकेदार नि:शुल्क बिजली, पानी लेकर लोगों से प्रसाधन उपयोग के बदले राशि वसूल कर रहा है। इस मामले की शिकायत नगरीय प्रशासन आयुक्त पी. नरहरि से हुई है। इसके बाद आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के आदेश से निगम अफसरों में हडक़ंप की स्थिति है।
जानकारी के अनुसार जिला व प्रदेशभर के कई शहरों में 1987 में 30 वर्ष के लिए सुलभ इंटरनेशनल भोपाल से प्रसाधन चलाने अनुबंध हुआ था। 2017 में अनुबंध खत्म हो गया। 2013 में ही शासन का आदेश आया था कि अनुबंध आगे से नहीं चलेगा। अब नए तरीके से टेंडर प्रक्रिया के बाद अनुबंध होंगे फिर
भी नगर निगम के अधिकारियों ने 2017 में अनुबंध को बढ़ा दिया और अब तक नि:शुल्क बिजली, पानी दिए जा रहे है। अधिकारियों का यहां तक तर्क है कि स्वच्छ सर्वेक्षण के चलते यह निर्णय लिया गया था।
शासन के आदेशों का हुआ खुला उल्लंघन
नियम के अनुसार टेंडर निकालकर नई शर्तों के अनुसार संचालन होना था। बता दें कि नगरीय प्रशासन आयुक्त पी नरहरि ने जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी मांगी है कि इस तरह से कहां-कहां मनमानी हुई है। अब देखने वाली बात यह है कि इस मामले में अनुबंध रद्द करने की कार्रवाई सहित मनमानी करने वाले अफसरों पर क्या कार्रवाई हो रही है।
इनका कहना है - प्रसाधन के संचालन में अनुबंध शर्तों व शासन के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया इसको दिखवाया जाएगा। इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी व दोषियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। -आरपी सिंह, आयुक्त, नगर निगम