एनकेजे थाना क्षेत्र की सनसनीखेज घटना, पुलिस ने शुरू की गहन जांच
कटनी। एक दिल दहला देने वाली और समाज को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया। इस क्रूर अपराध के परिणामस्वरूप बालिका गर्भवती हो गई, और हाल ही में उसने जिला अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया। मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़िता को पेट में तेज दर्द होने पर उसके परिजन उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां जांच में गर्भावस्था का पता चला। यह घटना एनकेजे थाना क्षेत्र की है, जो कटनी जिले में स्थित है।
पीड़िता, जो 15 वर्ष की नाबालिग बालिका है, एनकेजे थाना क्षेत्र की निवासी है। कुछ समय पहले उसके साथ तीन आरोपियों ने क्रूरता से दुष्कर्म किया। बालिका ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने मास्क पहनकर हमला किया था। यह वारदात उसी स्कूल से जुड़ी बताई जा रही है, जहां वह पहले पढ़ती थी। डर, शर्म और सामाजिक दबाव के कारण बालिका ने इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताया न परिजनों को, न किसी अन्य व्यक्ति को। वह चुपचाप सहती रही, और अपराध का पता तब चला जब गर्भावस्था उन्नत अवस्था में पहुंच गई।
पेट दर्द की शिकायत पर परिजनों ने उसे पहले एक निजी अस्पताल में ले जाया। वहां डॉक्टरों की जांच में गर्भवती होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया गया, जहां बालिका ने एक स्वस्थ (या जीवित) बच्चे को जन्म दिया। यह प्रसव समाज में नाबालिगों की सुरक्षा और यौन अपराधों की गंभीरता को उजागर करता है।
मामला संज्ञान में आते ही परिजनों की सूचना पर सीएसपी नेहा पच्चीसिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एनकेजे थाने में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। प्रकरण में पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के साथ-साथ अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें गैंगरेप, नाबालिग के साथ दुष्कर्म और संबंधित अपराध शामिल हैं।
पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की। बालिका के बयान के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने बताया कि जांच पूरी तरह से चल रही है। आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और साक्ष्यों के संग्रह के लिए विशेष टीम सक्रिय है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि न्याय सुनिश्चित हो और ऐसे अपराधों पर लगाम लगे।
यह घटना समाज में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों से जुड़े होने के कारण यह और भी चिंताजनक है। बालिकाओं में यौन अपराधों के बारे में जागरूकता की कमी, डर के कारण चुप रहना और परिवार में खुलकर बात न कर पाना जैसी समस्याएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में यौन शिक्षा, जागरूकता अभियान और त्वरित शिकायत व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही, पीड़िताओं के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता और पुनर्वास की व्यवस्था भी आवश्यक है।
यह मामला मात्र एक घटना नहीं, बल्कि समाज की उस विकृति का प्रतीक है जहां नाबालिग बच्चियां असुरक्षित हैं। पुलिस जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। यदि कोई ऐसी घटना का शिकार हो या जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन (1098 या 112) पर संपर्क करें। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा यह संदेश समाज को देना जरूरी है।