- देश में पहली बार विधायक संजय पाठक ने जनता से मांगा आदेश- विजयराघवगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले विधायक करा रहे वोटिंग- पांच दिन पूरे क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया पूरी कराएंगे कार्यकर्ता- विधायक बोले- मैं चुनाव लड़ूं या नहीं, ये आप ही तय कीजिए- विधायक ने इस मतदान का नाम रखा 'जन आदेश'
भारतीय इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब मौजूदा विधायक इस बात का फैसला ही जनता पर छोड़ रहा है कि, वो इस बार के असेंबली इलेक्शन में चुनाव लड़े या नहीं ? इसी के चलते मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाली विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट पर 21 से 25 अगस्त के बीच वोटिंग प्रक्रिया चलाई जा रही है। 25 अगस्त को वोटों की गिनती शुरू होगी। वोटिंग का परिणाम ही तय करेगा कि, विजयराघवगढ़ विधानसभा में मौजूदा विधायक संजय पाठक प्रत्याशी के रूप में खड़े होंगे या नहीं ?
विधानसभा चुनाव 2023 से पहले 'जन आदेश' चुनाव को लेकर विधायक संजय पाठक का कहना है कि, इस मतदान के नतीजे ही ये तय करेंगे कि, मैं चुनाव लडूंगा या नहीं। उन्होंने कहा कि, अगर उन्हें 50 प्रतिशत से एक वोट भी कम मिलता है तो वो इस बार का चुनाव नहीं लड़ेंगे। खास बात ये है कि, 'जन आदेश' मतदान विधायक संजय पाठक के कार्यकर्ता ही खुद गांव-गांव तक पहुंचकर संपन्न कराएंगे। इसी के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी लाइव वोटिंग की जाएगी।
बाबू जी से मिला सेवा भाव
विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने बताया कि, उनके बाबूजी हमेशा से अपने लोगों के लिए सेवाभाव करते थे। इसी तरह अब विजयराघवगढ़ मेरा भी परिवार है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि, मैं हमेशा से आपकी सेवा करता आया हूं और आगे भी करता रहूंगा, इसके लिए पद महत्वपूर्ण नहीं है, सेवाभाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि, यही हमने अपने बाबूजी से विरासत में पाया है।
पार्टी आलाकमान तय करे
विधायक संजय पाठक के अनुसार, पद महत्वपूर्ण नहीं है। पार्टी आलाकमान जिसको चाहे टिकट दे, मुझे स्वीकार है। जनता मेरे भाग्य का फैसला खुद तय करेगी। उन्होंने कहा कि, अगर आपको लगे कि, मैंने कोई काम नहीं किया तो आप मना कर देना।
जनादेश के लिए मतपेटियां रवाना
कार्यकर्ता जनादेश के लिए मतदान पेटियां लेकर रवाना हो गए हैं। गांव-गांव, बूथ स्तर पर कार्यकर्ता जाएंगे। पांच दिन तक मतदान किया जाएगा। इस मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। इसके बाद परिणाम भी घोषित होंगे।