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कटनी. जिला अस्पताल में सोमवार को विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय बाधिरता रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नाक, कान और गला (ईएनटी) रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश ताम्रकार ने मरीजों की जांच कर श्रवण स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। शिविर में कान और सुनने की क्षमता से जुड़ी समस्याओं की पहचान और इलाज पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉ. ताम्रकार ने बताया कि जिला स्तर पर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में श्रवण हानि एवं बहरेपन की रोकथाम के लिए जन जागरूकता अभियान भी चलाया गया। मरीजों को जांच और परामर्श दिया गया, जिससे उन्हें कान की बीमारियों और श्रवण हानि के संभावित खतरों की जानकारी मिल सके।
शिविर के दौरान डॉ. ताम्रकार ने कान की देखभाल और बहरेपन से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां और उपाय बताए। तेज आवाज से बचाव करने कहा। हेडफोन, लाउडस्पीकर और तेज ध्वनि वाले स्थानों से दूरी बनाने, स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार लेने कहा गया जिससे कान की सेहत बनी रहे। कान में पानी या गंदगी जाने से रोकें ताकि संक्रमण न हो। होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। किसी भी प्रकार की श्रवण समस्या या कान में दर्द होने पर तत्कल ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लें।
रोका जा सकता है बहरनापन
डॉ. ताम्रकार ने कहा कि कान की उचित देखभाल और समय पर इलाज से बहरेपन की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से शोर-शराबे से बचने और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने कहा। शिविर में आए 100 से अधिक मरीजों को श्रवण हानि के कारणों, लक्षणों और इलाज की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि अनदेखी करने से बहरेपन की समस्या स्थायी हो सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही जांच करवाना बेहद जरूरी है।