कम उपस्थिति और कमजोर परीक्षा परिणाम पर जताई नाराजगी, शिक्षकों व कार्यकर्ताओं को दिए सख्त निर्देश
कटनी ‘स्कूल चलें अभियान’ के तहत जिले में शिक्षा और पोषण व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने विभिन्न विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवगांव, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला वसुधा, शासकीय प्राथमिक शाला मढैया टोला हथकुरी तथा आंगनबाड़ी केंद्र नौवापटी का दौरा कर व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।
देवगांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचने पर सीईओ ने पाया कि कई कक्षाओं में छात्र-छात्राएं अनुपस्थित थे। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और शिक्षकों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
ग्राम पंचायत हथकुरी के नौवापटी आंगनबाड़ी केंद्र में सीईओ ने पंजीकृत बच्चों की संख्या, उपस्थिति, वजन, टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण और पोषण ट्रेकर ऐप की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही ऐप संचालित कराकर इसकी स्थिति देखी। सीईओ ने पोषण आहार की गुणवत्ता, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी परिसर की साफ-सफाई, बच्चों की खेलकूद गतिविधियां और शिक्षण सामग्री की उपलब्धता भी जांची गई। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि केंद्रों को स्वच्छ और बच्चों के अनुकूल बनाया जाए। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला वसुधा में बंद पड़े डिजिटल बोर्ड को सीईओ ने मौके पर ही शुरू करवाया और शिक्षक से बच्चों को पढ़ाने का प्रदर्शन कराया। इस दौरान उन्होंने पाठ्यपुस्तक, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, नियमित एवं अतिथि शिक्षकों की उपलब्धता की भी जानकारी ली।
विद्यालय में केवल 22 प्रतिशत परीक्षा परिणाम सामने आने पर सीईओ ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि अभिभावकों से संपर्क कर छात्रों की उपस्थिति बढ़ाएं और बेहतर योजना बनाकर शैक्षणिक स्तर में सुधार लाएं। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत सीईओ राजेश नरेंद्र सिंह, मनरेगा परियोजना अधिकारी ऋषिराज चढ़ार, योगेंद्र कुमार असाटी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सीईओ ने स्पष्ट किया कि शिक्षा और पोषण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।