
कवर्धा . केंद्र सरकार ने इस बार नए पैरामीटर तैयार किया है। इसके लिए सरकार ने मिलर्स के चावल लेने से पहले चावल की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके कारण कवर्धा जिले के मिलर्स् में खलबली मची हुई है।
प्रशासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। साथ ही धान का उठाव भी मिलर्स चालू कर दिए हैं। धान उठाव करने के बाद मिलर्स चावल को वापस करते हैं। लेकिन इस बार चावल को गोदाम में लेने से पहले जांच की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए के तहत चावल की क्वालिटी में है या नहीं, जांच की जाएगी। जांच के बाद ही चावल को गोदाम में रखा जाएगा। इस नियम के आने के बाद मिलर्स में हडक़ंप मचा हुआ है। क्योंकि कई बार बेकार चावल भी नागरिक आपूर्ति निगम (नान) में खपा देते थे। इसके कारण गोदाम में रखने के पहले चावल की जांच की जाएगी। इससे राशन कार्ड मेंं मिलने वालो को लाभ होगा।
जिले के चार वेयर हॉउस ग्राम मगरदा, हथलेवा, पंडरिया व बोड़ला में स्थित है। यहां पर जिले के 45 पंजीकृत मिलर्स चावल जमा करते हैं, लेकिन अब मिलर्स चावल को वेयर हाउस के बाहर ही डंप करेंगे। चावल की क्वालिटी जांच सुबह तक किया जाएगा, इसके बाद चावल को अंदर छल्ली किया जाएगा। इससे पहले सीधे बोरी से चावल की जांच होती थी, लेकिन शासन के निर्देश के बाद चावल की क्वालिटी जांच करने का तरिका बदल दिया गया है।
जिले के 80 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी के बाद मिलर्स धान का उठाव करेंगे। इसके बाद मिलर्स धान लेकर नान व कार्पोरेशन में जमा करेंगे। इस बार करीब 84 हजार 147 टन चावल मिलर्स से लेने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले वर्ष यानी 2017-18 में 80 हजार 195 टन चालव जमा हुआ था। इस प्रकार नए नियम से चावल की क्वालिटी की जांच कठाई से होगी। ताकि गरीबों को मिलने वाले राशन की क्वालिटी ठीक हो सके। कई बार बेकार क्वालिटी का चावल राशन कार्ड में सोसायटी के माध्यम से दिया जाता है। इसी के लिए अब शासन चावल की जांच पहले करेगी।