बच्चे इन दिनों खतरनाक ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल का शिकार हो रहे हैं। एेसे में माता-पिता इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनका बच्चा भी इसके शिकंजे में तो नहीं
कवर्धा. ब्लू व्हेल गेम के चलते देश भर में करीब आधा दर्जन बच्चे इससे या तो अपनी जान गंवा बैठे हैं या बुरी तरह प्रभाव हुए हैं। यह ऑनलाइन खेले जाने वाला गेम होने के कारण अब परिजनों में अपने बच्चों के प्रति डर बैठ गया है।
जिले के सभी प्राचार्य को प्रार्थना में ब्लू व्हेल गेम से होने वाले नुकसान और इसके प्रभाव के बारे में बताने के लिए कहा जाएगा। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी प्राचार्य को निर्देश दिए गए हैं। आनलाइन ब्लू व्हेल गेम बहुत ही खतरनाक है। एक बार इसकी लत लगने के बाद इससे छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है। गेम का खेलने के लिए अलग-अलग टॉस्क दिया जाता है। टास्क पूरा करने के बाद आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया जाता है।
इसके चलते स्कूली बच्चों के हाथों में भी परिजनों ने मोबाइल सेट थमा दिया और यही अब उनके लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। ब्लू व्हेल गेम बच्चों की जान ले रहा है। जिले में अब तक इस गेम के कारण किसी की मौत तो नहीं हुई है, लेकिन इसको लेकर सतर्कता बरती जा रही है। स्कूलों में छात्र-छात्राओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी को निर्देशीत किया गया है।
स्कूल में बच्चों की करेंगे काउंसिलिंग
ब्लू व्हेल गेम को लेकर पालक भी गंभीर हो चुके हैं। वहीं शहरी क्षेत्र के प्राईवेट व शासकीय स्कूलों में ही फोन का उपयोग अधिक करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में स्कूली बच्चे नहीं के बाराबर ही उपयोग करते हैं। इसके कारण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शहरीय क्षेत्र के प्राइवेट व शासकीय स्कूल के प्राचार्य को मोबाइल फोन चलाने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान देते हुए काउंसलिंग करने कहा गया है। वहीं बच्चों को लगातार ब्लू व्हेल गेम के बारे में बताकर उसे खोल कर देखने से भी मना कर दिया गया है।
इस मामले पर कबीरधाम शिक्षा विभाग के डीईओ एसके पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे मोबाइल का कम उपयोग करते हैं। शहरी क्षेत्र के प्राइवेट व शासकीय स्कूल के प्राचार्य को बच्चों पर विशेष ध्यान देने कहा गया है। वहीं कितने बच्चे मोबाइल उपयोग करते हैं उनका मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है। साथ ही बच्चों को प्राचार्य द्वारा ब्लू व्हेल गेम खेलने से खतरा है इसकी जानकारी दी जा रही है।