Car Stunt: रील के जुनून ने स्कूली अनुशासन, अभिभावकीय जिम्मेदारी और प्रशासनिक निगरानी तीनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
CG Car Stunt: रील के जुनून ने स्कूली अनुशासन, अभिभावकीय जिम्मेदारी और प्रशासनिक निगरानी तीनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कबीरधाम जिले के ग्राम तारो स्थित होली किंगडम हायर सेकेंडरी स्कूल के 12वीं के विद्यार्थियों ने बीते दिनों फेयरवेल के नाम पर जिस तरह जानलेवा स्टंटबाजी की, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक और चिंताजनक है।
घटना तब सामने आई जब विद्यार्थियों ने काले रंग की कई कारों को कारकेट बनाकर सरोधा बांध मार्ग पर खतरनाक तरीके से दौड़ाया। छात्र-छात्राएं चलती कारों की खिड़कियों पर बैठे दिखे, जबकि कुछ वाहन के खुले दरवाजों पर लटकते हुए रील बनाते नजर आए। यह तमाशा किसी अज्ञात (CG Car Stunt) व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद छात्रों ने शूट कर सोशल मीडिया पर वायरल किया।
वीडियो में कारों की लंबी कतार, तेज रफ्तार और खुलेआम लापरवाही साफ दिख रही है। बाद में यही जत्था स्कूल परिसर में ग्रैंड एंट्री करता दिखा, मानो यह कोई उपलब्धि हो। इस पूरे घटनाक्रम में स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी उतनी ही गंभीर है। यह पहली बार नहीं है। पिछले सत्र में भी इसी स्कूल के छात्रों का ऐसा ही स्टंट वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न अनुशासनात्मक कदम उठाए गए, न अभिभावकों को जवाबदेह बनाया गया। नतीजा यह कि वही गलती और भी बेशर्मी के साथ दोहराई गई।
सरोधा बांध मार्ग पर खुलेआम स्टंट चलता रहा। सवाल यह है कि अगर वहां कोई हादसा हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता। क्या प्रशासन तब भी वीडियो देखकर कार्रवाई करता। यह मामला सिर्फ एक स्कूल या एक जिले का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी है। यदि इस प्रवृत्ति पर अभी सख्ती नहीं हुई, तो यह हर साल के फेयरवेल की परंपरा बन जाएगी, जिसके परिणाम घातक होंगे।
मामले में डीएसपी कृष्णा कुमार चंद्राकर ने कहा कि मामले में संबंधित स्कूल के प्राचार्य और को बुलाया गया था। वहीं कुछ पालकों को भी बुलाकर समझाईश दी गई। वहीं वीडियो (CG Car Stunt) के आधार पर विद्यार्थियों के पालकों को बुलाया जाएगा।