लम्बे समय से सफाई नहीं होने से तालाब मानो जलीय पौधे के चादर ओढ़ लिया हो
इंदौरी. ग्राम पंचायत बहरमुड़ा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत अभियान तो बहुत चलाए गए, इसमें कोई शक नहीं है। लोगों को स्वच्छ रहने व स्वच्छता बनाए रखने के लिए अभियान चला कर जागरुक भी किए, लेकिन स्वच्छता को लेकर पंचायत अब खुद लापरवाही बरत रही है। ऐसा हम नहीं, बल्कि गांव स्थित निस्तारी रामसगरी तालाब की दुर्दशा बता रही है, जो लम्बे समय से सफाई नहीं होने से तालाब मानो जलीय पौधे के चादर ओढ़ लिया हो। पुरे तालाब जलीय पौधों से ढक गई है।
कवर्धा जनपद पंचायत अंतर्गत आदर्श ग्राम पंचायत बहरमुड़ा की बसावट है। ग्रामीण निस्तारी के लिए इसी तालाब का उपयोग करते हैं, जिसके लिए बकायदा पचरीकरण का निर्माण भी किया गया है, लेकिन लम्बे समय से साफ सफाई नहीं होने के कारण जलीय पौधे, काई व बन कचरा से पटा हुआ है। आलम यह है कि वर्तमान में 90 फीसदी से ज्यादा हिस्से पर अपनी जाल बिछा चुका है, जिससे धीरे धीरे पानी बदरंग होने के साथ दाद, खाज और खुजली जैसे बीमारी का कारण बन रहा है।
इसके चलते अब ग्रामीण धीरे धीरे निस्तारी करने के लिए तालाब से तौबा कर रहे हैं। मोहल्लेवासी ने बताया कि तालाब की समय समय पर सफाई नहीं कराया गया है। इसके कारण पानी पर जलीय पौधा पनप कर निस्तारीयुक्त पानी दूषित होने के साथ अब दुर्गंध उठने लगी है। यही कारण है कि ग्रामीण को अब उठने वाली दुर्गंध से महामारी फैलने का खतरा सता रहा है।
बरसात का मौसम होने के कारण संक्रमण का भय दुगुना हो जाता है। अक्सर बरसात में पानी की बैक्टरिया से त्वचा संबंधि बीमारी फैलने का क्षमता बढ़ जाता है। इस तरह की बुनियादी सुविधा को स्वच्छ नहीं रखना पंचायत प्रतिनिधि की उदासिनता की ओर ईशारा करता है। जबकी ऐसे ही हलात से निपटने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार से विभिन्न योजना के तहत हर साल लाखों रुपए की राशि पंचायत को मिलती है। इसके बाद भी इस तरह के नजारा गांव में दिखाई देना स्वच्छता अभियान महज एक दिखावा साबित हो रहा है।
तालाब की सफाई नहीं होने के कारण यहां निस्तारी करने वालों में संक्रमण फैलने का डर बना रहता है। पानी अधिक खराब हो चुका है। इसके उपयोग से खुजली तक हो रही है। लेकिन जिम्मेदार सफाई कराने कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोग नाराज है।
स्थानिय स्तर पर निस्तारी तालाब की साफ सफाई का जिम्मा पंचायत की होती है, लेकिन पंचायत इस मामले में उदासीन रवैया अपना रहा है। तभी तो अब तक सफाई पर ध्यान नहीं दिया है। गांव के मुख्य निस्तारी तालाब ऐसी स्थिति को देखकर लोग स्वच्छता अभियान को कोस रहा है।