-सामाजिक समरसता का उदाहरण बने भंडारे, तीन साल तक भंडारे की एडवांस बुकिंग -गणगौर पर्व के समापन पर गुरव समाज, कहार समाज में हुए भंडारे
बदलते समय के साथ भंडारों का स्वरूप भी बदला। अब भंडरों में भोजन परोसा तो जाता है, लेकिन जूठी पत्तल प्रसादी पाने वाले को खुद उठाना होती है। गणगौर पर्व पर दो समाजों में होने वाले भंडारे सामाजिक समरसता के अनुठे उदाहरण है। यहां जूठी पत्तल उठना शर्म नहीं, बल्कि गर्व का विषय है, जिसके लिए बकायदा समाजजन बोली तक लगाते है। सोमवार को गणगौर पर्व पर कहार समाज और गुरव समाज में ये परंपरा देखने को मिली।
दो समाज निभा रहे 150 साल से परंपरा
निमाड़ के लोकपर्व पर शहर के दो समाजों में 150 से भी अधिक वर्षों से अनोखी परंपरा निभाई जा रही है। शहर के कहारवाड़ी स्थित कहार समाज और गुरव समाज द्वारा गणगौर पर्व पर सेवा की ऐसी होड़ लगती है कि भंडारे में परोसगाई करने से लेकर जूठी पत्तल उठाने तक की बोली लगाई जाती है। सामाजिक समरसता की मिसाल देते हुए अमीर भी गरीब की जूठी पत्तल श्रद्धा से उठाता है। बोलियों से प्राप्त राशि को अगले साल होने वाले भंडारे में खर्च किया जाता है।
501 से शुरू होकर 5 हजार तक पहुंची बोली
गुरव समाज पंचायत गुप्तेश्वर शिव मंदिर द्वारा इस वर्ष तापडिय़ा गार्डन में माता के पूजन के साथ भंडारे का आयोजन हुआ। यहां पत्तल लगाने व उठाने की बोलियां लगाई गई। समाज के लोगों ने जूठी पत्तल उठाने की बोली लगाई। बोली 501 रुपए से शुरू हुई 5 हजार रूपए तक पहुंची। प्रथम एवं दूसरी बोली उदय परिवार एवं परदेसी परिवार द्वारा प्राप्त की गई। समाजजनों नेहा जुगल सावनेर, राधाबाई काले परिवार, रितेश काले, रितेशा सोमनाथ काले, हर्ष काशीनाथ काले, अमित काले एवं पूरे समाज द्वारा भंडारे में सहयोग स्वरूप दान भी दिया।
महापौर विधायक भी पहुंचीं
गुरव समाज के भंडारे में विधायक कचंन तनवे, महापौर अमृता अमर यादव भी पहुंचीं। यहां गणगौर माता का पूजन कर प्रसादी भी पाई। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष अशोक जुगल शर्मा सावनेर, सचिव अजय परदेसी, उपाध्यक्ष लोकेश भद्रवाले, दीपक शर्मा, घनश्याम निमाड़े, पार्षद सोमनाथ काले, भरत कुवादे, विजय पांजरे, मनोज निमाड़े सहित समाज के पदाधिकारी एवं युवा कार्य कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा। संचालन दीपक शर्मा ने किया। आभार अध्यक्ष जुगल सावनेर व सोमनाथ काले ने माना।
झूले में हुई माता सवार, भंडारे में लगी बोलियां
बांबे बाजार कटपीस गली में बौड़ाए गए रथों को झूले में सवार कराया गया। कहार समाज द्वारा आयोजित भंडारे में सेवा के लिए पत्तल उठाने, रजा की सेवा, पानी पिलाने की बोली लगाई गई। यहां भी समिति को बोलियों में हजारों रुपए प्राप्त हुए। आयोजन में गणगौर उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज केशनीया, संदीप वर्मा, सुभाष केशनिया, विक्रम बावने, प्रदीप फूलमाली, दीपक केशनिया, नवीन बावने का विशेष योगदान रहा। इसी तरह झमराल मोहल्ले में भी मातारानी को झूले में बैठाकर झालरिए दिए गए।