Ajab Gajab : 38 साल पहले मारपीट के मामले में जारी हुआ था वारंट। आरोपी पर 4 हजार ईनाम भी घोषित किया था। लेकिन, खंडवा पुलिस की किरकिरी उस समय हो गई, वो वारंट शख्स की मौत के 27 साल बाद उसके घर पहुंचा।
Ajab Gajab :मध्य प्रदेश के खंडवा में एक बार फिर पुलिस का अजब गजब कारनामा सामने आया है। मारपीट के जिस मामले में 38 साल बाद पुलिस स्थाई वारंटी को तलाश करते हुए उसके घर पहुंची, उसे जमाना छोड़े 27 साल बीत चुके हैं। खंडवा जिले की मोघट पुलिस की कार्यप्रणाली उस वक्त मजाक बन गई, जब थाने का एक प्रधान आरक्षक 38 साल पुराना वारंट तामील कराने आरोपी को तलाशते हुए उसके घर पहुंच गया।
दरअसल, शहर के सुभाष नगर इलाके में रहने वाले सदाशिव राव और उनके एक साथी फद्दी पर साल 1987 में घर में घुसकर मारपीट का केस दर्ज किया गया था। मामले में जमानत पर छूटने के बाद वे पेशी पर नहीं पहुंचे तो कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। यही नहीं, रोपी को लृतलाशने के लिए पुलिस ने उसपर 4 हजार का ईनाम भी घोषित किया था।
हैरानी की बात तोये है कि, कोर्ट के आदेश और ईनाम की घोषणा के बाद भी बीच एक बार भी पुलिस ने आरोपी को तलाशने की जहमत नहीं की। आखिरकार सदाशिव का साल 1998 में निधन भी हो गया। वारंट तामील कराने जब प्रधान आरक्षक रफीक खान शनिवार को आरोपी के घर पहुंचे तो उसके बेटे ने पिता की मौत की सूचना दी।