मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल के एक ब्लॉक में मधुमक्खियों ने बड़ा छत्ता बना लिया है। इससे मरीज व उनके परिजनों में डर का माहौल है। वार्ड के बाहर गली में लगे पाइप पर बने इस छत्ते को अब तक हटाया नहीं गया है। यह लापरवाही किसी भी दिन अस्पताल प्रशासन को भारी पड़ सकती है। इससे किसी भी दिन बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
जिला अस्पताल में इन दिनों एक नई समस्या ने मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल के प्रमुख एक ब्लॉक में जहां मेल-फिमेल सर्जिकल, मेल-फिमेल मेडिकल, महिला वार्ड और चिल्ड्रन वार्ड है। इस ब्लॉक में चिल्ड्रन वार्ड के बाहर ही गलियारे में पाइप पर मधुमक्खियों ने बड़ा छत्ता बना लिया है। यह छत्ता ऐसे स्थान पर है, जहां दिनभर मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ की आवाजाही बनी रहती है। लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से इसे हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
वार्ड के बाहर दिन भर मधुमक्खियों का डेरा लगा रहता है, जिससे यहां मरीज के परिजन बैठ भी नहीं पा रहे है। हर समय मधुमक्खियों के हमले का डर लगा रहता है। परिजन साथ में खाना लेकर आते हैं, लेकिन डर के कारण वे वार्ड के पास बैठकर भोजन नहीं कर पा रहे हैं। कई लोग गली या दूर खुले स्थान पर बैठकर खाना खाने को मजबूर हैं।
मरीज के परिजनों का कहना है कि स्टाफ को शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्टाफ का कहना है कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी गई है। साथ ही एक पत्र भी भेजा हैं। यदि समय रहते छत्ते को नहीं हटाया गया, तो स्थिति कभी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
अस्पताल में सीएमएचओ कार्यालय के पास, मरच्यूरी रूम के सामने की बिल्ड़ीग और पुराने अस्पताल में भी मधुमक्खियों के छत्ते हैं। इन्हें अब तक नहीं हटाया गया है। आसपास का क्षेत्र रहवासी है। जहां डॉक्टर व अन्य कर्मचारी भी रहते हैं। मधुमक्खियों को लेकर इनमें भी भय है।
- मधुमक्खियों के छत्तों के संबंध में जानकारी मिली है। इन्हें शीघ्र हटाया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं। - डॉक्टर अनिरुद्ध कौशल, सिविल सर्जन जिला अस्पताल।