शहर में अधिकतर केंद्रों पर सुबह 10.30 तक नाश्ते के साथ दोपहर के भोजन की सप्लाई की गई। जबकि नाश्ता सुबह और भोजन दोपहर सप्लाई करने का नियम है।
शहर में अधिकतर केंद्रों पर सुबह 10.30 तक नाश्ते के साथ दोपहर के भोजन की सप्लाई की गई। जबकि नाश्ता सुबह और भोजन दोपहर सप्लाई करने का नियम है।
सेंट्रल किचन आंगनवाडी केंद्रों पर नौनिहालों के लिए सुबह नाश्ते के साथ दोपहर के भोजन की सप्लाई कर रहा है। इसका खुलासा शुक्रवार को केंद्रों पर सप्लाई किए गए भोजन से हुआ। शहर में अधिकतर केंद्रों पर सुबह 10.30 तक नाश्ते के साथ दोपहर के भोजन की सप्लाई की गई। जबकि नाश्ता सुबह और भोजन दोपहर सप्लाई करने का नियम है। बच्चों को गरम भोजन का नियम है। दिलचस्प यह कि अधिकांश केंद्रों पर एक भी बच्चे नहीं पहुंचे थे। कुछ केंद्रों पर सिर्फ तीन से चार बच्चे मौजूद रहे। मौजूद सहायिकाओं ने कहा नाश्ता पहली बार देर से आया है। बच्चे कुछ देर से आ जाएंगे। ऐसे में पोषण दिवस कार्यक्रम नौनिहालों के लिए बेमानी है।
परदेशीपुरा केंद्र-140 पर 10.30 बजे केंद्र पर सिर्फ तीन बच्चे पहुंचे थे। 13 कुर्सियां लगी थीं। इसके अलावा बच्चों को बैठने फर्श पर गद्दे बिछे थे। सेंट्रल किचन से दोपहर का भोजन सुबह नाश्ता साथ आपूर्ति कर दिया। पूछने पर केंद्र में मौजूद कर्मचारी ने बताया कि पहली बार देर से आया है। मेन्यु सुबह नाश्ते में नमकीन दलिया है। भोजन में मिक्स सब्जी, और मिक्स पुलाव है। जबकि कढ़ी-पकौड़ी के साथ सादी खिचडी़ दी गई।
ब्राह्मणपुरी में केंद्र-132 पर सुबह 10.30 बजे तक एक भी बच्चे नहीं पहुंचे थे। केंद्र पर पोषण दिवस मनाने की तैयारियां पूरी थी। कुर्सियों के बीच फर्श पर बच्चों को बैठने के लिए विशेष इंतजाम किया गया था। लेकिन बच्चे नहीं थे। सहायिका मौजूद रहीं। पूछने सहायिका ने बताया कि बच्चे आएंगे। नाश्ता भोजन के साथ आया है। पहली पर ऐसा हुआ है। बच्चे 11 बजे तक आ जाएंगे।
इनका कहना : सीडीपीओ पूजा राठौर
केंद्रों पर देर से नाश्ता व भोजन की सप्लाई की गई है। इस तरह की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा तो जानकारी लेंगे। सेंट्रल किचन को रिमाइंडर किया जाएगा।