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नल-जल योजना… 38 गांवों में ईरान, अमेरिका-इजराइल युद्ध ने रोकी नल-जल योजना की राह

-दुबई से रॉ-मटेरियल की सप्लाय रुकने से पीएचई को नहीं मिल रहे पाइप -जल निगम के 378 गांवों में भी योजना का काम अधूरा, सितंबर में होगा पूर्ण

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खंडवा

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Manish Arora

Mar 11, 2026

Iran, US-Israel War

एआइ फोटो

गर्मी में भूजल स्तर गिरने से धीरे-धीरे जलसंकट की आहट सुनाई देने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सप्लाय के लिए चल रही नल-जल योजना के 38 गांवों में समयावधि में काम पूरा नहीं हो पाया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का दावा है कि ईरान-इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण दुबई से आने वाले रॉ-मटेरियल की सप्लाय रुक गई है। जिसके कारण योजना का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। वहीं, जल निगम की भी 378 गांवों में चल रही योजना का काम अधूरा पड़ा हुआ है।

जिले में नल जल योजना के तहत पीएचई विभाग द्वारा कुल 526 गांवों में पाइप लाइन डालने और टंकी बनाकर पानी सप्लाय किया जाना है। अब तक जिले में कुल 464 गांवों में ही काम पूरा हो पाया है। चार गांवों में ठेकेदारों के डिफाल्टर होने से वहां योजना शुरू नहीं हो पाई। कुल 38 गांवों में 31 मार्च तक नल जल योजना का काम पूरा किया जाना था, लेकिन अब नहीं हो पाया है। पीएचई विभाग ईई वर्षा शिवहरे का कहना है कि योजना में लगने वाले पाइप का रॉ-मटेरियल (कच्चा माल) दुबई से आता है। ईरान-इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के चलते दुबई ने रॉ-मटेरियल की सप्लाय रोक दी है। जिससे पाइप नहीं मिल रहे है और काम रुका हुआ है।

जिले में 385 हैंडपंप भी बंद
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए एक बड़ा स्रोत हैंडपंप भी है। जिले में कुल 7259 हैंडपंप है, जिसमें से 281 तो भू-जल स्तर कम होने से मार्च के पहले सप्ताह में ही बंद हो चुके हैं। वहीं, 80 हैंडपंप ऐसे है जो पूरी तरह से पट (मिट्टी से भर) जाने के कारण बंद है। साथ ही 24 हैंडपंप साधारण खराबी के चलते बंद है। पीएचई विभाग ने अब तक हैंडपंप बंद होने से जल समस्या वाले ग्रामों को चिह्नित नहीं किया, जबकि पिछले साल 105 गांव जल समस्या से ग्रस्त चिह्नित कर विशेष योजना के तहत टैंकरों से जल प्रदाय की व्यवस्था की गई थी।

जल निगम का काम 75 प्रतिशत ही पूरा
जल निगम द्वारा खंडवा जिले के 378 गांवों सहित खरगोन के बड़वाह तहसील के 16 गांवों में नल जल योजना का काम किया जाना है। पूरे कार्य की लागत प्रशासकीय स्वीकृति 782.12 करोड़ और अनुबंधित लागत 703.94 करोड़ है। पूरा कार्य मुंबई की एक कंपनी को दिया गया है। जल निगम द्वारा खंडवा जिले में समूह योजना के तहत 122 गांवों में घर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था करना है और 256 गांवों में बल्क जल प्रदाय योजना के तहत पीएचई द्वारा बनाई गई पानी की टंकी तक जल पहुंचाना है। वर्तमान में जल निगम का कार्य 75 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।

चार ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड
जिन गांवों में ठेकेदारों द्वारा काम अधूरा छोड़ा गया है, ऐसे चार ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड कर उनकी जमानत राशि राजसात की गई है। नए ठेकेदारों से काम कराया जाएगा। पाइप की पूर्ति होने पर प्रगतिरत योजना का काम पूरा कराया जाएगा।
वर्षा शिवहरे, ईई, पीएचई

छह माह का समय
हमारे द्वारा पुनासा क्षेत्र में कैनाल से लिफ्ट कर योजना के तहत पानी दिया जाना है। इसलिए सभी गांवों में एक साथ पेयजल सप्लाय शुरू होगी। योजना पूर्ण करने की अवधि सितंबर 2026 तक है। छह माह में हमारा काम पूरा हो जाएगा।
मयंक पछाया, उप प्रबंधक जल निगम