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कामर्शियल गैस सिलेंडरों पर अघोषित रोक, होटल, रेस्टोरेंटों के चूल्हे की आग कमजोर, कैटरर्स परेशान

ईरान और अमरीका के युद्ध का असर अब भारत में पड़ने लगा है। कामर्शियल गैस पर अघोषित रोक लगा दी गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट के चूल्हे की आग कमजोर होने लगी है। यही नहीं रोक लगाए जाने की सूचना से शादी, ब्याह समेत अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग करने वाले हलवाइयों के हाथ पांव फूल गए हैं। जिला प्रशासन ने व्यवस्था को लेकर गैस कंपनियों के सेल्स अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Mar 11, 2026

Commercial LPG cylinders

Commercial LPG cylinders

ईरान और अमरीका के युद्ध का असर अब भारत में पड़ने लगा है। कामर्शियल गैस पर अघोषित रोक लगा दी गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट के चूल्हे की आग कमजोर होने लगी है। यही नहीं रोक लगाए जाने की सूचना से शादी, ब्याह समेत अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग करने वाले हलवाइयों के हाथ पांव फूल गए हैं। जिला प्रशासन ने व्यवस्था को लेकर गैस कंपनियों के सेल्स अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

संचालकों ने रोकी कामर्शियल की सप्लाई

मंगलवार को हलवाई समेत कैटरर्स और मैरिज गार्डन संचालकों दिनभर गैस एजेंसी संचालकों के फोन घनघनाते रहे। इसके बाद भी उन्हें कामर्शियल सिलेंडर नहीं मिले। कुछ होटल व रेस्टोरेंट संचालकों ने एजेंसी संचालकों से साठगांठ कर कामर्शियल और डोमेस्टिक सिलेंडरों का स्टॉक कर लिया है। इधर, प्रशासन ने बुधवार को गैस कंपनियों के सेल्स अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

डीपो ने कामर्शियल सिलेंडर देने से हाथ खड़े कर दिए

जिले में भारत गैस, एचपी और इंडियन गैस कंपनियों को मिलाकर 30 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इसमें अकेले शहरी क्षेत्र में छह एजेंसियां गैस की आपूर्ति कर रहीं हैं। भारत गैस कंपनी की जलगांव रिफिल डीपो ने खंडवा में एजेंसियों को कामर्शियल सिलेंडर देने से हाथ खड़े कर दिए। आनन फानन में यहां की एजेंसियों को पीथमपुर रिफिल डीपो में अटैच किया गया है।

सेल्स अधिकारी बोले, मिनिस्ट्री का निर्णय

भारत गैस एजेंसी के संचालकों का कहना कि जलगांव में लोडिंग दो के लिए दो दिन से गाडी़ खड़ी है। 80 से 100 वां दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने रोक लगा दी है। एजेंसी संचालक बुकिंग की पूर्ति नहीं हो पाने को लेकर परेशान है। मामले में कंपनियों के सेल्स अधिकारी रोक को लेकर स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि इस मामले में केंद्रीय मिनिस्ट्री से निर्णय लिया गया है। बुधवार को बैठक के बाद फाइनल होगा।

हलवाइयों के हाथ पांव फूले

शहरी क्षेत्र में कामर्शियल सिलेंडरों की होटल, रेस्टोरेंट में 250 से 300 सिलेंडरों की प्रतिदिन खपत है। शादी ब्याह और पार्टियों के कारण डिमांड 500 से अधिक हो गई है। हलवाइयों ने सिलेंडरों की बुकिंग एडवांस कर रखी है। मंगलवार को एजेंसी संचालकों ने सिलेंडर देने से हाथ खड़े कर दिए। इसकी सूचना से कई होटल, रेस्टोरेंट समेत हलवाइयों के हाथ पांव फूल गए हैं।

हलवाई बोले, वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए

हलवाई शिवशंकर का कहना है कि दो दिन से सिलेंडर के लिए परेशान हूं। 11 और 12 को बुकिंग है। चार कामर्शियल सिलेंडर की जरूरत है। एजेंसी संचालक ने अचानक मना कर दिया। शासन काे को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 3 हजार सिलेंडरों की डिमांड

शहर में छह एजेंसियों के बीच प्रतिदिन तीन हजार डोमेस्टिक की डिमांड है। जबकि 300 से अधिक कामर्शियल की डिमांड बनी हुई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिदिन डोमेस्टिक व कामर्शियल सिलेंडर की खपत चार हजार सिलेंडरों से अधिक है। कामर्शियल का आपूर्ति नहीं मिलने से दो दिन से एजेंसी संचालकों के फोन बज रहे हैं। कुछ तो इमरजेंसी वालों को चुपके से डोमेस्टिक सिलेंडर उपयोग का सुझाव दिया है। कामर्शियल सिलेंडर का स्टाॅक खत्म हो गया है।

रिफिल के साथ ब्लैक में बिक की भी शिकायत

कामर्शियल सिलेंडरों की अघोषित रोक के बीच शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में डोमेस्टिक से कामर्शियल में रिफिल किए जाने के साथ ही ब्लैक में सिलेंडरों की बिक्री शुरु हो गई है। शहरी क्षेत्र में छोटे-छोटे नाश्ते की दुकानों के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट व मिठाई प्रतिष्ठानों के रसोई में सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं।

इनका कहना

इनका कहना : रितेश कपूर, प्रदेश मंत्री, मप्र हलवाई संघ

शासन को कामर्शियल सिलेंडरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। दो दिन से हलवाइयों के फोन आ रहे हैं। उन्हें कामर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इस तरह से अचानक रोक लगने से कारोबार ठप हो जाएगा। जिन हलवाइयों ने शादी, ब्याह और पार्टियों की एडवांस बुकिंग की है वे परेशान हैं। इनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए। अलावा होटल, रेस्टारेंटों में चूल्हे बंद हो जाएंगे।

एडीएम बोले, स्टाॅक पर्याप्त

केआर बडोले, अपर कलेक्टर का कहना है कि जिले में रसोई गैस का स्टॉक पर्याप्त है। अभी परेशानी जैसी कोई स्थित नहीं है। इस संबंध में सेल्स अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। शासन की गाइड लाइन के तहत चर्चा करेंगे। कंपनी के सेल्स अधिकारियों से समीक्षा के बाद ही कुछ बता सकेंगे।

ये हो सकते हैं विकल्प

होटलों में लकडिय़ों के कोयले की भट्ठी

इलेक्ट्रानिक इंडक्शन चूल्हा

केरोसिन या फिर डीजल स्टोप ।