अपराधों की रोकथाम के लिए जिले में शुरू डायल 112 सेवा में तैनात पुलिस कर्मियों को इन दिनों तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। डायल 112 वाहनों में चार्जर की सुविधा नहीं होने के कारण बॉडी ऑन कैमरे बार-बार बंद हो रहे हैं। कैमरों की बैटरी जल्दी खत्म हो जाने से बार-बार थाने आकर उन्हें चार्ज करना पड़ रहा है।
डायल 112 के वाहनों में तैनात पुलिस कर्मियों को बॉडी ऑन कैमरे पहनकर ड्यूटी करना अनिवार्य है। यह कैमरे सीधे भोपाल में िस्थत कंपनी के कंट्रोल रूम से जुड़े हुए है। जिससे कंपनी पूरे समय कैमरों से निगरानी भी कर रही है। साथ ही घटनास्थल की भी इसी कैमरे से रिकार्डिंग भी हो जाती है। लेकिन वाहनों में कैमरों को चार्ज करने के लिए चार्जर या पावर सपोर्ट की व्यवस्था नहीं है। इसके कारण कैमरों की बैटरी खत्म होते ही वे बंद हो जाते हैं। ड्यूटी के दौरान कैमरा बंद हो जाने से पुलिस कर्मियों को थाने लौटकर उसे चार्ज करना पड़ता है, जिससे उनके नियमित कार्य में भी बाधा आती है।
बॉडी ऑन कैमरों को लगातार चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हर गतिविधि रिकॉर्ड होती रहे। लेकिन कैमरों का बैटरी बैकअप सीमित होने के कारण यह परेशानी का कारण बन रहे हैं। लगातार उपयोग से बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है और कुछ ही घंटों में कैमरा बंद हो जाता है।
कैमरों में अतिरिक्त बैटरी बैकअप की व्यवस्था भी नहीं है। बैटरी खत्म हो जाने पर उसे तुरंत बदलने या चार्ज करने का साधन वाहन में नहीं है। ऐसे में पुलिस कर्मियों को थाने तक आना पड़ता है। पुलिसकर्मी कई बार आसपास की दुकानों में इसे चार्ज करवा लेते हैं। इस तरह की िस्थति बन जाने से आपातकालीन सेवा भी प्रभावित हो रही है।
डायल 112 में तैनात पुलिस कर्मियों का कहना है कि यदि वाहनों में चार्जिंग पॉइंट या चार्जर की व्यवस्था कर दी जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। साथ ही कैमरों में बेहतर बैटरी बैकअप या अतिरिक्त बैटरी उपलब्ध कराई जाए, ताकि ड्यूटी के दौरान कैमरा बंद होने की स्थिति न बने और वे बिना बाधा अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।