अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच एलपीजी के साथ अब डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। इस इसका असर दो दिन से बढ़ गया है। 2 दिन पहले अफवाह के चलते पेट्रोल टंकियों पर दो पहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। तीन घंटे के भीतर एक लाख लीटर पेट्रोल की खपत बढ़ गई। 50 से अधिक पंपों स्टॉक खत्म हो गया।
अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच एलपीजी के साथ अब डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। इस इसका असर दो दिन से बढ़ गया है। 2 दिन पहले अफवाह के चलते पेट्रोल टंकियों पर दो पहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। तीन घंटे के भीतर एक लाख लीटर पेट्रोल की खपत बढ़ गई। 50 से अधिक पंपों स्टॉक खत्म हो गया। बफर जोन में सिर्फ 3.75 लाख लीटर पेट्रोल, 4.50 लाख लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।
जिले में 150 से अधिक डीजल-पेट्रेट पंप संचालित हो रहे हैं। इसमें से करीब 50 पंपों का स्टॉक खत्म हो गया है। जबकि पिछले कई दिनों से वित्तीय प्रबंधन के चलते आठ से अधिक पंप बंद पड़े हैं। खंडवा में पंप संचालकों की रिपोर्ट में प्रतिदिन औसत दो लाख लीटर पेट्रोल और 3.50 लाख लीटर डीजल की खपत है।
प्रशासन की मीटिंग के दौरान प्रस्तुत रिपोर्ट में 3. 75 लाख लीटर पेट्रोल और 4.50 लाख डीजल उपलब्ध है। स्टाॅक सिर्फ दो दिन के लिए एडवांस है। पंप संचालकों को डिपो से एक दिन के अंतर में डीजल-पेट्रोल आ रहा है। पांच कंपनियों में से रिलायंस का भोपाल से आता है। तीन का इंदौर व देवास के बीच स्थित मांगलिया डीपो से आ रहा है। संचालकों का कहना है कि बुधवार को डीपो में गाड़ियों में डीजल-पेट्रोल की लोडिंग कमजोर रही।
डीजल-पेट्राेल खत्म होने की कथित सूचना से अफवाह फैल गई। 24 मार्च को देर शाम 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक सामान्य दिनों की तुलना में दो -पांच गुना तक खपत बढ़ गई। 100 रुपए का तेल भरवाने वाले बाइक सवार 500 रुपए का पेट्रोल लिए। सिविल लाइंस स्थित नारेड़ी पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन औसत 4 से 5 हजार लीटर बिक्री है। लेकिन अफवाह के कारण 8 हजार लीटर बिक्री हुई। इस तरह से जिलेभर में तीन घंटे में पेट्रोल की बिक्री एक लाख लीटर से अधिक पेट्रोल की खपत हुई।
प्रशासन ने 25 मार्च को पेट्रोलियम पंप संचालक एसोसिएशन और कंपनियों के सेल्स अधिकारियों के साथ मंथन किया। अपर कलेक्टर केआरबड़ोले ने पंप संचालकों से कहा है कि स्थित पैनिक नहीं करें। पर्याप्त मात्रा में डीजल व पेट्रोल उपलब्ध है। संचालक प्रतिदिन अपने स्टॉक की जानकारी गूगल शीट पर देंगे। 3. 75 लाख लीटर पेट्रोल और 4.50 लाख डीजल उपलब्ध है। तेल कंपनियां डिपो से लगातार आपूर्ति कर रहीं हैं। बैठक के बाद देर शाम तक 100 पंप संचालकों ने स्टाॅक की जानकारी शीट पर नहीं भरी थीं।
खंडवा में जिन पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है उनकी आपूर्ति इसलिए नहीं हुई है कि उन्होंने कंपनियों को एडवांस राशि नहीं भेजी है। खाद्य विभाग के पास पहुंची रिपोर्ट के अनुसार शहर में लाल चौकी पर स्थित विश्वकर्मा पेट्रोल पंप, हरसूद में हरेंद्र फ्यूल, बालाजी फ्यूल, ओंकारेश्वर पेट्रोल पंप सहित आठ से पंपों का स्टॉक खत्म है। कंपनियों को एडवांस भुगतान और वित्तीय प्रबंधन को स्टॉक खत्म है।
जिले में डीजल-पेट्रोल का स्टाॅक पर्याप्त है। तेल कंपनियों के सेल्समैन और पंप संचालक एसोसिएशन की संयुक्त बैठक हुई है। स्थिति नार्मल है। किसी तरह की दिक्कत नहीं है। सभी पंपों पर फ्यूल उपलब्ध है। बंद होने जैसी कोई सूचना नहीं है।
दिनेश सावले, खाद्य आपूर्ति अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर
अभी स्टाॅक है लेकिन डिमांड के तहत डीपो में गाडिय़ों की लोडिंग नहीं हो रही है। जनता से आग्रह है कि पेट्रोल-डीजल का स्टॉक घरों में नहीं करें। गर्मी का समय है ज्वलंत पदार्थ से बचें।
प्रकाश नरेड़ी, अध्यक्ष, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन