
खंडवा : निगम आयुक्त से एमआईसी सदस्यों ने जलापूर्ति और पदम कुंड को लेकर की चर्चा।
मप्र के खंडवा में जलापूर्ति की व्यवस्था को लेकर कवायद शुरु हो गई है। अमृत 2 योजना शुरू होने के बाद अधिकारियों ने व्यवस्था को लेकर कसावट शुरू की है। निगम अध्यक्ष, जल समिति के अध्यक्ष ने एमआईसी सदस्यों के साथ निगम आयुक्त से चर्चा की।
शहर में जलापूर्ति की व्यवस्था को लेकर निगम ने कसावट शुरू कर दी है। मंगलवार को ननि आयुक्त कार्यालय में पाइप लाइन और नलों में लीकेज सुधार को लेकर चर्चा की। इस दौरान अध्यक्ष ने कहा कि नलों में लीकेज की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। प्रत्येक वार्ड में फील्ड के कर्मचारियों से लीकेज नलों का सर्वे कराया जाए। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जाए।
नगर में जलापूर्ति सुचारू रूप से चालू रहे इस व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान जल समिति अध्यक्ष राजेश यादव ने जानकारी प्रस्तुत किया कि शहर में अभी 10,000 नल कनेक्शनों को वैध करना है। अभियान के तहत वैध की कार्रवाई जारी है। अध्यक्ष ने कहा कि प्रारंभ में 28 हजार नल कनेक्शन है। अभियान के दौरान एक हजार से अधिक कनेक्शन वैध किए गए।
निगम आयुक्त ने समिति अध्यक्ष ने कमिश्नर से कहा है कि प्रत्येक वार्ड में ऐसे नालों को चिन्हित किया जाए जो जलापूर्ति के दौरान लीकेज हैं उन पर भी जवाबदेही तय करें। फील्ड के कर्मचारी पहले चिन्हित करें । सुधार की समझाइश दें। इसके बाद भी लीकेज में सुधार नहीं हो रहा है तो सामान्य जुर्माना करें । 24 घंटे की मोहलत के बाद भी भी नल का पानी व्यर्थ में बह रहा है तो ऐसे लोगों पर 1000 का जुर्माना लगाए जाने की कार्रवाई की जाए। जिससे जरूरतमंद लोगों को निर्धारित समय पर पानी मिल सके।
एमआईसी सदस्यों ने पदम कुंड को और गहरा किए जाने पर भी चर्चा की। सदस्यों ने कहा कि प्राइवेट इंजीनियर्स से गहरीकरण की डिजाइन तैयार कराई जाए। गहरीकरण का कार्य बारिश आने से पहले किया जाए। इस दौरान निगम अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा, जल समिति अध्यक्ष राजेश यादव, अनिल वर्मा सहित पार्षद प्रतिनिधि दीना पवार, इंजीनियर संजय शुक्ला, भारत सुरजाय समेत अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
Published on:
25 Mar 2026 11:35 am
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