
महाराष्ट्र-आगरा नेशनल हाइवे पर मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर आरटीओ चेकपोस्ट के नाम पर चालकों से खुलेआम लूट
महाराष्ट्र-आगरा नेशनल हाइवे पर मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर आरटीओ चेकपोस्ट के नाम पर चालकों से खुलेआम लूट हो रही है। कहने को दो साल से इंट्रीग्रेटेड टोल बंद है। चेकपोस्ट से हर रोज 8 हजार लोडिंग व 4 हजार छोटे बड़े व सवारी गाडिय़ों का ट्रैफिक
मुंबई-आगरा नेशनल हाइवे पर स्थिति परिवहन विभाग का इंट्रीग्रेटेड टोल बालसमुद ( सेंधवा ) कहने को दो साल से बंद है। लेकिन यहां आरटीओ चेकपोस्ट के नाम पर अघोषित इंट्रीग्रेटेड टोल चालू है। यहां टोल की 18 लाइनें बंद हैं। जिसमें से 8 लाइनों पर मुरूम डाल कर लोडिंग वाहनों को जबरिया भेजा जा रहा है। जबकि हाइवे पर आने-जाने के लिए मुख्य हाइवे पर तीन लेन खाली है। इसके बाद भी लोडिंग वाहनों को नहीं जाने दिया जाता है। दरअसल, यह सब लोडिंग वाहनों से मनमानी वसूली के लिए किया गया है।
आरटीओ चेकपोस्ट के नाम पर नेशनल हाइवे पर चालकों से लूट का खुला खेल चल रहा है। यहां हर माह लोडिंग के छोटे बड़े वाहनों के साथ सवारी वाहनों से 10-14 करोड़ की अवैध वसूली हो रही। सूचना के बाद भी जिम्मेदार सो रहे हैं।
22 मार्च 2026 को इंदौर की ओर से मिनी ट्रक ( एमएच-14 जी- 1261) महाराष्ट्र जा रहा था। चेकपोस्ट पर कथित कर्मचारी ने बगैर इंट्रीग्रेटेड टोल वाली लेन पर बेरियर लगा दिया। चालक मुकेश ने वजह जानने की कोशिश की तो उसके ट्रक को साइड लगवा कर टेंट के नीचे वाहन में बैठे अधिकारी के पास भेज दिया। चालक के अनुसार अधिकारी ने कहा तीन दिन पहले परमिट खत्म हो गई है।
20 मिनट बाद खिड़की पर भेजा। ऊपर मंदिर के बगल कमरे में खिड़की पर काली फिल्म लगी है। यहां भीतर बैठे कर्मचारी की सिर्फ आवाज सुनाई देती है। कर्मचारी ने चालक से कहा, 24 हजार रुपए भरना पड़ेगा। सौदा होते-होते 2 हजार पर आ गया। अगली बार कागज दुरूस्त कराकर चलना।
महाराष्ट्र की ओर से आया लोडिंग वाहन ( आरजे-01 जीबी 9114) के आगे बेरियर लगा दिया। चेकिंग अधिकारी के पास भेज दिया। वहां स्कार्पियो के भीतर बैठे अधिकारी ने चेकिंग की और कहा कि टेबल पर 500 रुपए की पर्ची कटवाकर जाओ। पूछने पर चालक ने बताया कि ऑनलाइन कागज दुरूस्त है। इसके बाद भी जांच के नाम पर पैसे लिए।
इंट्रीग्रेटेड टोल पर एक दो वाहनों से नहीं बल्कि यहां से निकलने वाले हर लोडिंग वाहनों के मनमानी का शुल्क देना पड़ रहा है। यहां उसी को वाहन को छूट है जिसकी सेटिंग पहले से है। सेटिंग वाले वाहनों के पहुंचने पर दोनों छोर पर मौजूद कथित कर्मचारी वॉकी टॉकी से नंबर एक दूसरे को जानकारी देते हैं।
एमप्री-महाराष्ट्र बार्डर पर प्रतिदिन 12 हजार वाहनों का ट्रैफिक है। इसमें सभी छोटे-बड़े वाहन शामिल हैं। अकेले 8 हजार वाहन लोडिंग के हैं। यदि लोडिंग वाहनों का औसत 7 हजार लें और प्रति वाहन से वसूली का औसत 500 रुपए लिया जाए तो हर रोज 3.50 लाख रुपए वसूली होती है। इस औसत से हर माह 10 करोड़ होता है। शेष 5 हजार लोडिंग के छोटे व सवारी वाहनों का औसत 300 रुपए की दर से लिया जाए तो हर रोज 15 लाख रुपए होते हैं। यह राशि हर माह 4.50 करोड़ रुपए होती है। कुल मिलाकर यहां हर माह 10 से 15 करोड़ रुपए हो रही है।
हाइवे पर इंटीग्रेटेड टोल दो साल से बंद है। बार्डर पर आरटीओ चेकपोस्ट है। सेंधवा में लोडिंग वाहनों से अवैध वसूली ऐसी जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं हैै। इस संबंध में आप चेकपोस्ट प्रभारी से बात करेें।
Published on:
24 Mar 2026 11:50 am
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