ओंकारेश्वर के पुलिस कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। इसमें पुनासा ब्लॉक के अधिकारियों व स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच निर्धारित समय पर की जाएं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के 9 माह के दौरान कम से कम 4 बार महिला का स्वास्थ्य परीक्षण गांव की स्वास्थ्य कार्यकर्ता व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आवश्यक रूप से किया जाए। यदि गर्भवती महिला के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान महिला को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या पाई जाती है, तो ब्लॉक या जिला स्तर पर स्थित अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उसका उपचार कराया जाए, ताकि प्रसव के समय परेशानी न हो। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओपी जुगतावत के अलावा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रश्मि कौशल, डीपीएम शैलेंद्र सोलंकी, पुनासा के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर्स भी मौजूद थे।
कलेक्टर गुप्ता ने क्षय रोग मरीजों की स्क्रीनिंग कर, पोर्टल पर अपडेट न करने पर ग्राम रिछफल के मेडिकल ऑफिसर एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर, ग्राम मोहना के ऑपरेटर, ग्राम पामाखेड़ी की एएनएम, ग्राम सरलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तथा एएनएम का एक-एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रसव पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण न करने तथा पोर्टल पर एंट्री न करने पर ग्राम सुलगांव की एएनएम के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने तथा मेडिकल ऑफिसर का एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए। क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मरीजों की स्क्रीनिंग समय पर न करने पर मूंदी की एएनएम के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं की जानकारी पोर्टल पर समय पर अपडेट ना करने पर सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर के ऑपरेटर राहुल मालाकार को पद से पृथक करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही मोरटक्का एवं केलवा के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का एक-एक माह का वेतन काटने के निर्देश भी दिए।