
किशोर दा की पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान में प्रस्तुति देने मुंबई के गायक सुदेश भोसले मंगलवार को खंडवा पहुंचे। यहां सर्वप्रथम उन्होंने किशोर दा की समाधि पर शीश नवाया और किशोर दा के गीत मुझे ओर जीने की चाहत न होती… भी गुनगुनाया। इसके बाद वें किशोर दा के पुश्तैनी मकान पहुंचे। यहां की जर्जर हालत पर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि यह घर मेरे लिए मंदिर समान, इसके लिए मैं अमित कुमार से बात करुंगा।
किशोर दा के पुश्तैनी मकान को देखकर सुदेश भोसले भावुक हो उठे। यहां बंगले की 40 साल से देखरेख कर रहे चौकीदार सीताराम के पैर भी छुए और अपनी पत्नी के साथ सीताराम के पास बैठकर काफी देर बात भी की। उन्होंने सीताराम से किशोर दा के बारे में काफी कुछ पूछा और यहां बने मंदिर में भी जाने की इच्छा जताई, लेकिन जर्जर अवस्था होने के कारण वह मंदिर नहीं देख पाए। किशोर प्रशंसकों ने कहा कि लंबे समय से इस घर को स्मारक बनाने की मांग की जा रही है। भोसले ने कहा कि मैं किशोर दा के परिजनों एवं सरकार से भी इस विषय पर चर्चा करूंगा, उन्होंने कहा कि दादा ने जिस मकान में जन्म लिया, वहां निश्चित संगीत का मंदिर बनना चाहिए।
किशोर समाधि पर मीडिया से चर्चा करते हुए सुदेश भोसले ने कहा कि किशोर दा महान कलाकार थे। जब उनसे पूछा गया कि आज जेन जी भी किशोर दा को पसंद करती है, तो उनका कहना था कि उनकी आवाज अमर है और सदियों तक लोगों के दिलों पर राज करती रहेगी। जब उनसे पूछा गया कि किशोर दा के बाद आप अमिताभ की आवाज बने तो कैसा लगा। इस पर उनका कहना था कि मेरी तुलना मेरे गुरु किशोर दा के साथ न की जाए। उनके जैसा कोई नहीं है।
हरफनमौला कलाकार किशोर कुमार की पुण्यतिथि 13 अक्टूबर को किशोर समाधि पर प्रशंसकों का मेला लगा। यहां किशोर समाधि पर नगर पालिका और किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच के तत्वावधान में सुरमई श्रद्धांजलि का आयोजन किया गया। किशोर दा की समाधि की फूलों से सजावट की गई, दूध-जलेबी का भोग लगाया गया।
कार्यक्रम में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर… एसपी अगम जैन ने जिंदगी एक सफर है सुहाना…, जिपं सीईओ एश्वर्य वर्मा और अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला ने रात कली एक ख्वाब में आई और गले का हार हुई की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही राजकोट, अहमदाबाद, महाराष्ट्र सहित देशभर के अन्य प्रदेशों से आए किशोर दा के प्रशंसकों ने भी मंच पर किशोर दा के गीतों की प्रस्तुति दी।